आपदा के समय तिरछे हुए दो होटलों को लेकर होटल स्वामियों में असमंजस की स्थिति है। इन होटलों का न तो प्रभावितों को मुआवजा मिला है और न ही प्रशासन की ओर से आगे की कोई कार्रवाई की गई है।
जोशीमठ नगर में जनवरी महीने में भू-धंसाव अचानक तेज हो गया था जिस कारण यहां कई आवासीय मकानों में दरारें आ गई थीं जिनको प्रशासन ने खाली करा दिया। साथ ही नगर के दो होटलों के असुरक्षित होने पर उन्हें प्रशासन ने ध्वस्त करा दिया। जबकि दो अन्य होटल भी तिरछे होकर आपस में मिल गए लेकिन इनको लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है जबकि होटलों को आपदा के समय से ही बंद किया हुआ है। इसे लेकर होटल स्वामियों में असमंजस की स्थिति है। कामेट होटल के स्वामी देवेश कुंवर ने बताया कि होटलों का अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। न ही इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री से वार्ता हुई थी जिसमें मुख्यमंत्री ने व्यवसायियों को आश्वासन दिया था कि सरकार उनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होने देगी। उनका कहना है कि प्रशासन को होटलों को लेकर जल्द निर्णय लेना चाहिए।