गोपेश्वर। नंदानगर ब्लॉक के उस्तोली गांव निवासी कृपाल सिंह ने डाक विभाग में 33 साल तक सेवाएं दीं लेकिन सात साल बाद भी उन्हें पेंशन नहीं मिल पाई है। वह डाक विभाग के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं। उन्होंने पेंशन की मांग को लेकर प्रधानमंत्री और जनरल पोस्टमास्टर दिल्ली को ज्ञापन भेजा है।
कृपाल सिंह ने कहा कि 25 फरवरी 1983 को शाखा डाकघर उस्तोली में उनकी पोस्टमैन के पद पर नियुक्ति हुई थी। उन्हें डाक रनर का काम भी सौंपा गया था। डाक वितरण के लिए उन्हें दिनभर 24 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ती थी। उस्ताेली से सरपाणी, गराला, वल्ला तालूरी, पल्ला तालूरी, ग्वाल चौंरी, छोपटाली, रिखड़ी ग्वाड़ और सैरीग्वाड़ गांव में डाक वितरण के लिए जाते थे। वर्ष 2016 में वे सेवानिवृत्त हुए। उनका कहना है कि ग्रामीण डाकसेवक के लिए पेंशन सुविधा दी जानी चाहिए जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। उन्होंने गढ़वाल सांसद से भी ग्रामीण डाकसेवकों के पेंशन प्रकरण को संसद में उठाने की मांग की। संवाद