देवाल/गोपेश्वर। ओडर झूला पुल का निर्माण न होने से ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान पिंडर नदी में बाढ़ आने से ओडर गांव को जोड़ने वाला झूला पुल बह गया था लेकिन आज तक यहां पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। ग्रामीण स्वयं के संसाधनों से बनाए लकड़ी के अस्थायी पुल से आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य पान सिंह गड़िया ने बताया कि पुल निर्माण के लिए छह माह पूर्व टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई थी लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। इस अस्थायी पुलिया से रैन, पलवरा, लिंगड़ी, हाड़ाप, थालियापातल, दावों, बजई, बमगन गांव के ग्रामीण आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोनिवि की ओर से आवाजाही के लिए नदी पर इलेक्ट्रॉनिक ट्रॉली भी लगाई गई है लेकिन यह अक्सर खराब रहती है। क्षेत्र पंचायत की बैठक में कई बार पुल निर्माण का प्रस्ताव रखा गया लेकिन स्थिति जस की तस है। संवाद