चार दिवसीय दशोली गढ़ सांस्कृतिक विकास मेले का शुक्रवार को रंगारंग कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ। मेले में जहां भोटिया जन-जाति की महिलाओं ने पौंणा नृत्य कर मां नंदा के जागरों से समां बांधा वहीं, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी।।
मेले का शुभारंभ डिप्टी स्पीकर अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने किया। उन्होंने जनता से मेलों के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की जलप्रलय के बाद हुए मेलों के आयोजन से लग रहा है कि जिला आपदा से उबर चुका है। उन्होंने तेफना में स्टेडियम निर्माण और तेफना नाले के निर्माण की घोषणा की।
महिला मंगल दल ने दी प्रस्तुति
महिला मंगल दल थिरपाक की भोटिया जनजाति की महिलाओं ने मां नंदा के गीतों की प्रस्तुतियों से पांडाल नंदामयी कर दिया। राजकीय इंटर कालेज नंदप्रयाग और जूनियर हाईस्कूल तेफना के छात्र-छात्राओं ने गढ़वाली, हिंदी और पंजाबी गीतों की प्रस्तुतियां दीं। कर्णप्रयाग प्रधान संगठन के अध्यक्ष तेजवीर कंडेरी ने कहा कि यह मेला पहली बार हो रहा है जिसे आगामी वर्ष से भव्य रूप दिया जाएगा।
मेले में नंदप्रयाग क्षेत्र के 14 गांवों का सहयोग लिया जा रहा है। मेले में स्वयं सहायता समूहों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। मेला समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा आदि ने विचार रखे। मंच संचालन वीरेंद्र रावत और वीजेंद्र रावत ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी जोशी, दुग्ध संघ की अध्यक्ष राजेश्वरी नेगी, ममता, अन्नू कठैत सुरेशी राणा, जीतपाल, लक्ष्मी प्रसाद मलगुड़ी और जीतपाल आदि मौजूद थे।