गैरसैंण और आदिबदरी तहसील में लोगों नहीं बन पा रहे प्रमाणपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। गैरसैंण व आदिबदरी तहसीलों में प्रशासनिक अधिकारियों की कमी के कारण लोगों को प्रमाणपत्र व जमीन संबंधी दाखिल खारिज के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कर्णप्रयाग के एसडीएम को तीन तहसीलों का कार्यभार संभालना पड़ रहा है।
कर्णप्रयाग तहसील में 6 पटवारी तैनात हैं जबकि यहां 12 पटवारी के पद स्वीकृत हैं। वहीं गैरसैंण और आदिबदरी तहसील में एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी भी नहीं हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता केएस बिष्ट ने कहा कि कर्णप्रयाग के एसडीएम को ही आदिबदरी व गैरसैंण तहसीलों का चार्ज दिया गया है। कहा कि गैरसैंण के रोहिड़ा, रामडा़, सारकोट, परवाड़ी, नैल देवपुरी और आदिबदरी के पंडाव, बुराखोली, ऐगड़, केड़ा, रंडोली, नौना, पंया के लोगों को 5 से 7 किलोमीटर पैदल चलकर तहसील तक आते हैं। मगर तहसील में अधिकारी न होने से लोगों के जमीन संबंधी दाखिल-खारिज, खतौनी में नाम सुधार आदि कार्य समय पर नहीं होते हैं। वहीं पूर्व व्यापारसंघ अध्यक्ष कैलाश खंडूड़ी ने कहा कि लंगासू में एक साल से पटवारी की तैनाती न होने से लोगों को दिक्कतें हो रही रही हैं। कर्णप्रयाग के तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने कहा कि चार पटवारियों का तबादला होने के बाद उनके स्थान पर पटवारी नहीं आए। वर्तमान में तहसील के 12 पटवारी में से 6 पटवारी तैनात हैं। एक पटवारी के पास दो क्षेत्रों का कार्यभार है। वहीं एसडीएम संतोष कुमार पांडे ने कहा कि शासन से ही अधिकारियों की तैनाती होनी है।