टैक्सी पार्किंग में आयोजित स्वास्थ्य मेले में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। लोग सुबह नौ बजे स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के लिए पहुंच चुके थे, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं पहुंचे। करीब 11 बजे डॉक्टर आए और स्वास्थ्य मेला शुरू हो सका। इस दौरान वहां न तो मरीजों के लिए बैठने की व्यवस्था रही और न पानी व अन्य जरूरी साधनों की। हार्ट की बीमारी जांचने सहित कई विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर भी नहीं पहुंचे थे। यहां तक कि डॉक्टरों के बैठने के लिए भी 11 बजे तक समुचित इंतजाम नहीं किए गए थे। भुवन, ललित, गजेंद्र आदि ने कहा कि अव्यवस्थाओं के कारण कई लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दिनों चमोली जिले के विभिन्न कस्बों में स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। प्रचार-प्रसार से लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाने में लाखों रुपये का बजट भी खपाया जा रहा है, लेकिन हालात यह हैं कि सामान्य मरीजों को भी स्वास्थ्य मेले में ठीक से इलाज नहीं मिल पा रहा। बृहस्पतिवार को देवाल में आयोजित स्वास्थ्य मेले में दूरस्थ गांवों से पैदल चलकर लोग पहुंचे। विधायक भूपालराम टम्टा व प्रमुख दर्शन दानू ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मेले का उद्घाटन किया, लेकिन स्थिति यह रही कि वहां मरीजों और डॉक्टरों के लिए ठीक से बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी। रक्तदान करने पहुंचे जीवन मिश्रा, हेम मिश्रा सहित करीब 13 युवाओं ने कहा कि हम रक्तदान के लिए आए थे लेकिन व्यवस्था नहीं होने से बिना रक्तदान किए वापस आ गए। वहीं, डॉक्टरों ने बताया कि 370 का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनको निशुल्क दवाइयां दी गईं। आठ को बूस्टर डोज दी गई व तीन के आयुष्मान कार्ड बने। एसीएमओ डॉ. वीपी सिंह, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शहजाद अली, डॉ. मानस, डॉ. रिंकी जोशी, डॉ. सौरभ, डॉ. प्रशांत, डॉ. हरीश थपलियाल आदि ने बीमारियों के लक्षण व बचाव की जानकारी दी। जांच में अधिकांश घुटनों का दर्द, खून की कमी से पीड़ित मिले।