हल्दापानी : धूल के गुबार से लोगों का घरों में रहना हुआ मुहाल,
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। हल्दापानी के भूस्खलन क्षेत्र में हो रहे ट्रीटमेंट कार्य से लोगों को राहत जब मिलेगी लेकिन अभी इससे लोगों को आफत जरूर हो रही है। डि्रलिंग कार्य से उठते धूल के गुबार ने लोगों का घरों में रहना मुहाल किया हुआ है वहीं बड़ी मशीनों के काम के दौरान मकानों में दरारें भी बढ़ने लग गई हैं।
हल्दापानी के भूस्खलन क्षेत्र में इन दिनों सिंचाई विभाग की ओर से ट्रीटमेंट कार्य किए जा रहे हैं। यहां पर मुख्य सड़क से भूस्खलन क्षेत्र में बड़ी-बड़ी मशीनों से दिन-रात लगातार ड्रीलिंग कार्य चल रहा है। मशीनों से जमीन में डि्रल करके बड़े-बड़े पाइप व सरिए का जाल डालकर उसमें मसाला भरा जा रहा है। डि्रल के दौरान भारी मात्रा में धूल का गुबार उठ रहा है जिससे आसपास के दुकानें व घरों में धूल से लोग परेशान हैं। कार्यदायी संस्था ने कुछ घरों के आगे प्लास्टिक भी लगाई है लेकिन धूल तब भी लोगों के घरों में घुस रही है।
इस ट्रीटमेंट के लिए 80 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। जनवरी महीने से यहां पर ट्रीटमेंट कार्य शुरू हुआ। अभी तक इस कार्य में करीब 40 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि मार्च महीने में इस कार्य को पूरा किया जाना है।
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जनवरी से बंद पड़ी हैं क्षेत्र की दुकानें
- स्थानीय व्यापारी हरीश थपलियाल, चंद्रप्रकाश थपलियाल, अनीता देवी, लक्ष्मी आदि का कहना है कि जनवरी महीने से यहां काम शुरू हुआ और तभी से दुकानें बंद हैं। इस धूल के बीच दुकानें कैसे खोल पाएंगे। यहां पर करीब 20 से अधिक दुकानें हैं और सभी किराए पर चलती हैं। स्थिति यह है कि उनको दुकानों का किराया भी देना मुश्किल हो गया है।
नहीं रोका गया ट्रीटमेंट कार्य
ट्रीटमेंट कार्य रोका नहीं गया है। यहां लगातार काम जारी है। सिंचाई विभाग गोपेश्वर के अधिशासी अभियंता अरविंद नेगी का कहना है कि यहां पर पाइलिंग की जा रही है और इससे भूस्खलन रोकने के लिए मजबूती मिलेगी। दिन में काम की मंजूरी है। मार्च में काम पूरा हो जाएगा। जमीन के अंदर चट्टान के बीच जगह-जगह पानी मिल रहा है। हालांकि इससे कोई दिक्कत नहीं है। हमने दिन में भी कार्य करने की अनुमति ले रखी है।