नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से आयोजित दो दिवसीय बदरीनाथ पंचायत महोत्सव की प्रथम भजन संध्या गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी के नाम रही। उन्होंने एक के बाद एक गढ़वाली गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। जिस पर दर्शक देर रात तक थिरकते रहे।
निर्माणाधीन अराइवल प्लाजा परिसर में आयोजित महोत्सव में लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने दर्शकों को गढ़वाली बोली भाषा के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के बच्चे चाहे दुनिया की कोई भी भाषा सीख लें, लेकिन अपनी बोली भाषा को न भूलें। यह हमारे पित्रों की हमें दी गई विरासत है। भोजपुरी, राजस्थानी, पंजाबी आदि भाषाएं विकास कर रही हैं, हम चाहते हैं हमारी भाषा का भी विकास हो।
भजन संध्या कार्यक्रम में नरेंद्र सिंह नेगी ने हे बदरीविशाला.., पंच बदरी पंच केदार, पंच प्रयाग यखी छन.., त्वे फ्याेंली बोलूं, त्वे बुरांस बोलूं.., मुल मुल कैकु हंसणी छे तू.., भलु लगदू भनुली तेरु मुल मुल हंसणू.., ह्यूंदा के मेनों की लंबी लंबी रात, कै गों कु जाणी होली.., ठंडो रे ठंडो मेरा पाड़े की हवा ठंडी.. आदि गीतोें की शानदार प्रस्तुतियां दी। गायक भागवंत की सांस्कृतिक टीम ने भी गीतों की प्रस्तुतियां दी।
इस मौके पर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित, बीकेटीसी के पूर्व मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, जोशीमठ के पूर्व पालिकाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता आदि मौजूद रहे। संचालन रंगकर्मी हर्षवर्द्धन थपलियाल ने किया।