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Chamoli News: माता मूर्ति से मिले भगवान बदरीनाथ, बंद रहे धाम के कपाट

Tue, 26 Sep 2023 07:41 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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5000 तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन, दोपहर का भोग भी माणा गांव में माता मूर्ति मंदिर में लगा
आर्मी बैंड की धुनों के साथ रावल और बीकेटीसी के सदस्य पहुंचे माणा


संवाद न्यूज एजेंसी

बदरीनाथ। बामन द्वादशी के पावन पर्व पर मंगलवार को भगवान बदरीनाथ अपनी माता मूर्ति से मिलने माणा गांव पहुंचे। बदरीनाथ की (उत्सव डोली) दिनभर अपनी माता मूर्ति के सानिध्य में रहे। इस दौरान धाम के कपाट (पांच घंटे) बंद रहे। करीब 5000 तीर्थयात्रियों ने माता मूर्ति और बदरीनाथ के दर्शन किए। करीब चार बजे डोली बदरीनाथ धाम पहुंची और यहां विराजमान हुई।
मंगलवार को धार्मिक परंपरानुसार अभिषेक पूजा और बालभोग लगने के बाद सुबह दस बजे भगवान बदरीनाथ के प्रतिनिधि के रूप में उद्धव की उत्सव डोली की ओर से माणा गांव जाने की तैयारियां शुरू हुईं। आर्मी बैंड की धुनों के साथ पूर्वाह्न 11 बजे बदरीनाथ गर्भगृह से उद्धव की प्रतिमा को डोली में विराजमान कर माता मूर्ति मंदिर के लिए रवाना किया गया और बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद किए गए। इसके बाद बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, वेदपाठी व साधु-संतों भी माता मूर्ति मंदिर के लिए रवाना हुए। करीब तीन किलोमीटर तक पैदल सफर तय करने के बाद दोपहर 12 बजे बदरीनाथ के प्रतिनिधि के रूप में उद्धव की उत्सव डोली माता मूर्ति मंदिर पहुंची। यहां माणा गांव के भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने डोली को जौ की हरियाली भेंटकर भव्य स्वागत किया। इसके बाद रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने माता मूर्ति और बदरीनाथ की विशेष पूजा की। बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने पूजाएं कीं। यज्ञ-हवन के साथ माता मूर्ति और उद्धव की प्रतिमा का अभिषेक किया गया। बदरीनाथ मंदिर में दिन में लगने वाला भोग भी यहीं लगाया गया। अपराह्न ठीक तीन बजे बदरीनाथ की उत्सव डोली ने अपनी माता से विदा ली। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने सभी श्रद्धालुओं का आभार जताया। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि उत्सव डोली मंदिर में पहुंचने के बाद फिर से बदरीनाथ मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया गया।
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आज भी माता को दिए वचन का निर्वहन कर रहे बदरीनाथ



गोपेश्वर। माता मूर्ति मंदिर नारायण पर्वत की तलहटी और अलकनंदा के किनारे स्थित है। मान्यता है कि आदिकाल में भगवान बदरीनाथ जब बदरीकाश्रम क्षेत्र में तपस्यारत थे तो अपने पुत्र को मिलने के लिए माता मूर्ति और पिता धर्म भी बदरीनाथ धाम पहुंचे। तब भगवान बदरीनाथ ने प्रतिवर्ष बामन द्वादशी पर्व पर माता मूर्ति से मिलने के लिए पहुंचने का वचन दिया था। आज भी भगवान बदरीनाथ माता को दिए वचन का निर्वहन करते आ रहे हैं। धाम में नारायण पर्वत की तलहटी को माता मूर्ति तो भीम पुल से बसुधारा तक के क्षेत्र को धर्मक्षेत्र कहा जाता है। संवाद
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दो दिवसीय बदरीश पंचायत महोत्सव शुरू

बदरीनाथ। नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से आयोजित दो दिवसीय बदरीश पंचायत महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। महोत्सव में पहले दिन सेकेंड एडिशन एमपीवी माणा पास चैलेंज अभियान के तहत देवताल से माणा पास (52 किमी) साइकिल रैली का शुभारंभ हुआ। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर होने वाली इस साइकिल रैली में 15 स्थानीय प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि महोत्सव में गढ़रत्न लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी की भजन संध्या होगी। संवाद
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