केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने द्वितीय केदार मद्महेश्वर और आस्था पथ पर विभाग की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित दुकानों और मकानों को हटाने के बजाय अब ग्रामीणों को यह भूमि लीज पर आवंटित करने का निर्णय लिया है। विभाग की ओर से 31 निर्माण कार्यों को चिह्नित कर संबंधित ग्रामीणों को नोटिस भी थमा दिए गए हैं।
मद्महेश्वर परिक्षेत्र आरक्षित वन क्षेत्र में आता है। मद्महेश्वर घाटी के अंतिम गांव गौंडार से लेकर 18 किलोमीटर पैदल आस्था पथ पर ग्रामीणों की ओर से जगह-जगह अतिक्रमण किया गया है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की ओर से अतिक्रमण को हटाने के बजाय ग्रामीणों को ही लीज पर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है, जबकि वन प्रभाग ने मद्महेश्वर में नए निर्माण कार्यों पर लगाम लगा दी है।
केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर ने बताया कि मद्महेश्वर और आस्था पथ पर जिन लोगों की ओर से निर्माण किए गए हैं, उन्हें ही भूमि लीज पर आवंटित की जाएगी।