भोटिया जनजाति के छह गांवों के लोगों ने डीएम से की भुगतान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। नीती घाटी के वाइब्रेंट विलेज कैलाशपुर, मेहरगांव, फरकिया, बांपा, गमशाली और नीती गांव के भोटिया जनजाति के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में ली गई उनकी निजी भूमि का शीघ्र मुआवजा देने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी और कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को ज्ञापन सौंपा। कहा कि बार-बार मांग करने पर भी डेढ़ साल बाद भी मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
सीमा सड़क संगठन के अंतर्गत कार्यदायी संस्थान ओसिस कंपनी की ओर से कुरकुती-गमशाली-नीती (20 किमी) मार्ग का चौड़ीकरण कार्य किया गया। इसके लिए डेढ़ वर्ष पूर्व ग्रामीणों की निजी भूमि अधिग्रहित की गई लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। प्रधान संगठन के जिला महामंत्री व कागा के ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह राणा, कैलाशपुर की ग्राम प्रधान सरिता डुंगरियाल, पूर्व प्रधान पूरन सिंह, बलवीर सिंह रावत, जशोदा देवी, पीतांबरी देवी आदि ने कहा कि कैलाशपुर गांव की 300 नाली उपजाऊ भूमि ओसिस कंपनी की ओर से अधिग्रहित की गई। ग्रामीण इन खेतों में नकदी फसल का उत्पादन करते थे लेकिन अब न तो भूमि रही न ही अभी तक मुआवजा दिया गया है।