चमोली जिले में पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण उर्गम घाटी की सड़क बदहाल बनी है। सड़क का अधिकांश हिस्सा भूस्खलन और भू-धंसाव की चपेट में है। कई बार पीएमजीएसवाई की ओर से सड़क की मरम्मत की गई लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। सड़क पर गड्ढों में वाहनों का चलना भी मुश्किल बना है। लोगों ने शासन-प्रशासन से सड़क के सुधारीकरण की मांग की।
बदरीनाथ हाईवे पर जोशीमठ से दस किलोमीटर पहले हेलंग से उर्गम घाटी के लिए सड़क जाती है। यह सड़क करीब 15 किलोमीटर के बाद से ही भूस्खलन और भू-धंसाव की चपेट में है। सड़क के शुरुआत में दो किलोमीटर में हनुमान मंदिर से पावर हाउस तक सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। घाटी में पंचम केदार कल्पेश्वर मंदिर है। साथ ही कई ट्रेकर यहां से ट्रेकिंग के लिए जाते हैं। ऐसे में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को भी वाहनों में हिचकोले खाकर सफर करना पड़ रहा है।
पूर्व ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह नेगी, सौरभ नेगी, राहुल नेगी, कमल पंवार, दीपक नेगी, यशवंत नेगी, दीपक रावत का कहना है कि वाहन चालक स्वयं ही सड़क के गड्ढों को भर रहे हैं। सड़क वाहनों के चलने लायक नहीं रह गई है।