बदरीनाथ हाईवे पर बाजपुर चाड़ा में हिल कटिंग के कार्य में जुटी एनएचआईडीसीएल की जेसीबी मशीन।
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बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा ठीक एक माह बाद शुरू हो जाएगी, इसके लिए बदरीनाथ हाईवे को दुरुस्त किया जा रहा है। ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से हाईवे पर हिल कटिंग का अंतिम चरण का काम शुरू कर दिया गया है। यहां बाजपुर, क्षेत्रपाल, कर्णप्रयाग, बिरही और कौड़िया में चट्टान कटिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। हिल कटिंग से हाईवे पर दिनभर वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है।
बदरीनाथ हाईवे पर लगभग ऑलवेदर रोड का कार्य अंतिम चरण में है। गौचर से हेलंग तक अधिकांश जगहों पर बदरीनाथ हाईवे सुगम हो गया है। हाईवे पर प्रस्तावित 25 ब्रिज में से 22 पर कार्य पूरा हो गया है, जबकि तीन ब्रिज निर्माणाधीन हैं। ये पुल आगामी जुलाई माह तक पूरे बन जाएंगे। हाईवे पर सबसे अधिक दिक्कत बाजपुर में है। यहां खड़ी चट्टान के बीचों बीच सड़क मार्ग है। यहां हिल कटिंग कार्य के दौरान यातायात सुचारु रखना एनएचआईडीसीएल के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य है। करीब 150 मीटर पर यहां चट्टान कटिंग प्रस्तावित है। यात्राकाल में यहां वाहनों की आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य के दौरान यदि हाईवे बाधित हो गया तो नंदप्रयाग से वाहनों की आवाजाही सैकोट-कोठियालसैंण मार्ग से करवाई जाएगी।
वहीं कौडिया में भी चट्टानी भाग में कटिंग चल रही है, जिससे यहां सड़क बेहद संकरी हो गई है और वाहनों की आवाजाही भी मुश्किल से हो पा रही है। कर्णप्रयाग के समीप भी चट्टान कटिंग का अधूरा कार्य इन दिनों पूरा किया जा रहा है। एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक संदीप कार्की ने बताया कि हाईवे के सौ किलोमीटर के दायरे में 25 ब्रिज प्रस्तावित हैं, जिनमें से 22 ब्रिज बनकर तैयार हो गए हैं। इन पर वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी गई है। जिन स्थानों पर हिल कटिंग कार्य चल रहा है, कोशिश रहेगी कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व यहां हाईवे सुगम बना लिया जाएगा।