जोशीमठ के बड़ागांव में आयोजित हस्तोला मेले में महिषासुर वध का हुआ मंचन।
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ब्लाक जोशीमठ के बड़ागांव में आयोजित हस्थोला मेले का महिषासुर वध के साथ समापन हो गया। क्षेत्र की लोक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा यह मेला हर दो साल में आयोजित किया जाता है।
बैसाख के महीने में होने वाले इस मेले का आयोजन इस साल रविवार को किया गया। मेले की शुरुआत मुखौटा नृत्य से हुई, जिसमें 18 ताल पर भगवान गणेश, सूर्य, नृसिंह सहित विभिन्न देवी देवताओं के मुखौटे पहनकर ग्रामीणों ने नृत्य किया। इसके बाद जागर सैली में रामायण की प्रस्तुति के दौरान राम-लक्ष्मण और सीता के पात्रों ने ढोल दमाऊं की थाप पर नृत्य किया। मेले में हास्य कलाकारों ने भारत-तिब्बत व्यापार पर प्रस्तुति दी। आखिरी में भगवती के पश्वा ने अवतरित होकर महिषासुर का वध किया। महिषासुर वध मेले का सबसे आकर्षक दृश्य था। इसके साथ ही मेले का समापन हो गया। बड़ागांव सहित आसपास के गांवों में इस मेले का बड़ा महत्व है। क्षेत्रीय लोक संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े इस मेले को लेकर लोग काफी उत्साहित रहते हैं। इस दौरान विमला देवी, तनु, गोपाल थपलियाल, जगत सिंह कमदी, हरीश भंडारी, अजीतपाल रावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।