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Iश्री नंदा राजजात व लोकजात का रास्ता है यहI
ग्रामीणों की वर्षो पुरानी रणकधार-वेदनी-आली बुग्याल रोपवे की मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। इस रोपवे के निर्माण के लिए वर्ष 2016 में ऊषा टेक कंपनी ने सर्वे शुरू किया था। अगर रोपवे बन जाता तो रूपकुड,आली व वेदनी बुग्याल जाने वाले पर्यटकों के साथ ही श्री नंदा राजजात व लोकजात यात्रा के श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलता।
रूपकुंड, आली बुग्याल, वेदनी, बगुवावास बुग्याल यहां के मुख्य पर्यटन स्थल हैं। यहां पर हर साल देश व विदेश के पर्यटक आते हैं और यह श्री नंदा राजजात व लोकजात का रास्ता भी है लेकिन यहां खड़ी चढ़ाई होने के कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतें होती हैं। श्रीनंदा राजजात और लोकजात यात्रा में श्रद्धालु व पर्यटक आसानी से पहुंचें इसके लिए वर्ष 2016 में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने वाण गांव के रणकधार से वेदनी व आली बुग्याल के लिए रोपवे बनाने के लिए सर्वे का काम शुरू कराया था।
रोपवे बनाने वाली ऊषा टेक कंपनी ने रणकधार से सर्वे करने का काम शुरू भी कर दिया था लेकिन उसके बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। रूपकुंड पर्यटन विकास समिति व ट्रैकर भुवन बिष्ट ने बताया कि यहां हर साल देश-विदेश के सैकड़ों पर्यटक आते हैं। अगर आली-वेदनी के लिए रोपवे का निर्माण हो जाता है तो पर्यटकों की संख्या में बढ़ावा होगा और स्थानीय युवकों को रोजगार मिलता। पूर्व प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने कहा कि रोपवे बन जाता तो बुजुर्ग श्रद्धालु भी यात्रा आसानी से कर सते।