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नृसिंह मंदिर की देव पुजाई समिति ने जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव के लिए हेलंग-मारवाड़ी बाईपास निर्माण को बड़ा कारण माना है। अंदेशा जताया कि बदरीनाथ के प्राचीन यात्रा रूट को बाईपास से अलग करना है देवताओं के रुष्ट होने का कारण हो सकता है। समिति ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को हेलंग-मारवाड़ी बाईपास को निरस्त करने का प्रस्ताव भेजा।
रविवार को नृसिंह मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में देव पुजाई समिति के पूर्व अध्यक्ष व बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने कहा कि पुराणों में उल्लेख है कि बदरीनाथ धाम के दर्शनों से पहले जोशीमठ नृसिंह मंदिर के दर्शन करने का महातम्य है। भगवान नृसिंह के दर्शन के पश्चात ही बदरीनाथ की यात्रा की जाती है। साथ ही रावल के हाथ में छह माह के लिए यहीं पर कलावा बांधा जाता है।
समिति के पदाधिकारियों ने अंदेशा जताया कि जोशीमठ में भू-धंसाव भगवान नृसिंह का प्रकोप भी हो सकता है। प्रस्ताव पारित किया गया कि पौराणिक यात्रा रूट को बाईपास से अलग कर देना देवताओं के रुष्ट होने का कारण है लिहाजा इस हाईवे का निर्माण तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए। बैठक में देव पुजाई समिति के अध्यक्ष भगवती प्रसाद नंबूरी, राजेश भट्ट, आदित्य भूषण सती, विराज बिष्ट, प्रकाश नेगी, अरुण शाह, विवेक पंवार, गोविंद प्रसाद भट्ट के साथ ही महिला मंगल दल जोशीमठ की महिलाएं मौजूद रहीं।