चमोली जनपद में कोरोना की एहतियाती खुराक लगाने के लिए 60 साल से नीचे के लोगों को देहरादून की दौड़ लगानी पड़ रही है। जनपद में फिलहाल अभी बुजुर्गों के लिए ही एहतियाती खुराक दिए जाने की व्यवस्था है।
कोरोना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। इससे शत-प्रतिशत कोरोना टीकाकरण किया जाना बेहद जरूरी है, लेकिन चमोली जनपद में युवाओं को एहतियाती खुराक के लिए भटकना पड़ रहा है। कई युवा इस खुराक को लेने के लिए 245 किलोमीटर दूर देहरादून के निजी टीकाकरण केंद्रों में जा रहे हैं। सरकार की तरफ से एहतियाती खुराक की निशुल्क व्यवस्था 60 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए की गई है। इस आयु वर्ग के लोगों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण किया जा रहा है। चमोली जनपद में फिलहाल कोरोना का कोई निजी टीकाकरण केंद्र नहीं है। रुद्रप्रयाग से श्रीनगर के बीच भी निजी टीकाकरण केंद्र नहीं है, इसलिए देहरादून जाने के अलावा लोगों के पास कोई विकल्प नहीं है।
इधर, प्रभारी सीएमओ डॉ. उमा रावत का कहना है कि 60 साल से अधिक आयु के लोगों को एहतियाती खुराक की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई है। इस आयु वर्ग से नीचे के लोगों को खुराक देने को लेकर सरकार की ओर से कोई गाइडलाइन नहीं आई है। युवाओं को कोरोना के निजी टीकाकरण केंद्रों से एहतियाती खुराक लगवानी चाहिए।
कोरोना से लड़ने के लिए कोरोना टीकाकरण किया जाना बेहद जरूरी है। सभी वरिष्ठ नागरिकों को एहतियाती खुराक लेनी चाहिए। इससे हम कोरोना को पूरी तरह से समाप्त कर सकते हैं। जनपद में युवाओं के लिए भी एहतियाती खुराक दिए जाने की व्यवस्था होनी चाहिए।
-चंडी प्रसाद भट्ट, प्रसिद्ध पर्यावरणविद, गोपेश्वर, चमोली
कोरोना की एहतियाती खुराक देने की सरकार की अच्छी पहल है। सभी लोगों को टीकाकरण करवाकर इसमें सहयोग करना चाहिए। कोरोना टीकाकरण में महिलाओं ने पहले से ही उत्साह दिखाया है। एहतियाती खुराक के लिए भी महिलाओं को आगे लाने की जरूरत है।
-कलावती देवी, सामाजिक कार्यकर्ता, चमोली
जनपद में ही युवाओं के लिए कोरोना की एहतियाती खुराक मुहैया कराने की व्यवस्था होनी चाहिए। युवाओं को एहतियाती खुराक लेने के लिए देहरादून जाना पड़ रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए कोरोना टीकाकरण की व्यवस्था जनपद स्तर पर ही होनी चाहिए।
-ऊषा रावत, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, चमोली