आग की लपटें तेज होने के कारण वन कर्मी भी नहीं बुझा पा रहे
थराली के जौता, भकुंडा, चिडिंग मल्ला में 5 हेक्टेयर से अधिक जंगल को पहुंचा नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली/कर्णप्रयाग। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण जंगलों में नमी कम होने लगी है। ऐसे में बार-बार जंगलों में आग लग रही है। यहां थराली तहसील के जौला, भकुंडा और चिड़िंगा मल्ला के जंगलों में रविवार रात से आग लगी है। आग से करीब 5 हेक्टेयर से अधिक वनों को नुकसान पहुंचा है। वहीं कर्णप्रयाग ब्लॉक के दो जंगलों में भी आग लगी है। आग की लपटें तेज होने और तेज हवाओं के कारण वन कर्मी आग बुझा नहीं पा रहे हैं।
वनाग्नि में काफल और बुरांश के पेड़ों के साथ साथ बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचा। वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी है। जंगलों में नमी नहीं होने से भी आग लगातार फैल रही है। वन बीट अधिकारी रघुवीर टम्टा ने कहा कि आग बुझाने के लिए टीम मौके पर है। जल्द आग बुझा दी जाएगी। दूसरी ओर कर्णप्रयाग ब्लाॅक के सिरतोली और मौणा के जंगलों में आग हवाओं के कारण तेजी से फैल गई। हालांकि नंदप्रयाग रेंज के रेंजर बीएस परमार सहित अन्य कर्मी ग्रामीणों के साथ मौके पर आग बुझाने पहुंचे लेकिन आग की तेज लपटें तेज होने और लगातार हवाओं के कारण आग पर नियंत्रण नहीं हो पाया। रेंजर बीएस परमार में बताया कि शरारती तत्व आग लगा रहे हैं। उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
तीसरे दिन भी जलते रहे जयधार और महेंद्र गांव के जंगल
श्रीनगर। ब्लॉक कीर्तिनगर के जयधार, महेंद्र गांव के आसपास के जंगलों में तीन दिनों से आग लगी है जिससे वन संपदा को बहुत नुकसान पहुंचा है। आग के कारण घाटी में धुंध होने से लोग परेशान हैं। सोमवार को दल्डाधार के आसपास के जंगलों में आग लगी रही। वहीं कीर्तिनगर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बुद्धि प्रकाश ने बताया कि आग बुझाने में लगाए गए कर्मियों की ओर से कई बार आग को बुझाया गया लेकिन तेज हवा चलने पर फिर से आग सुलग रही है। कहा कि सिविल सोयम क्षेत्र व खेतों में लोग एकत्रित की गई झाड़ी (आड़ा) जला रहे हैं जिस कारण धुआं निकल रहा है। बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मियों के साथ ही ग्रामीणों की मदद ली जा रही है। संवाद