भारी बारिश से बदरीनाथ हाईवे गौचर से कंचनगंगा (124 किमी) तक कई जगहों पर बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन होने से वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। रविवार को कर्णप्रयाग बाबा आश्रम, बाजपुर, छिनका, पीपलकोटी, पाताल गंगा, टंगणी, लामबगड़ और कंचन गंगा में करीब आठ घंटे तक हाईवे अवरुद्ध रहा।
सुबह पांच बजे से अवरुद्ध हाईवे को अपराह्न एक बजे तक सुचारू किया जा सका। वहीं, पाताल गंगा में आए मलबे में एक वाहन दब गया, जिसे जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। टंगणी में हाईवे बाधित होने पर तीर्थयात्रियों को पेयजल के लिए भी भटकना पड़ा। हाईवे सुचारू होने पर जगह-जगह रोके गए 8000 से अधिक तीर्थयात्रियों को गंतव्य के लिए भेजा गया। हालांकि कई जगहों पर अभी भी हाईवे पहाड़ियों में मलबा अटका हुआ है। जिससे बारिश होने पर फिर हाईवे के बाधित होने के आसार हैं।
Joshimath-Malari Highway: अतिवृष्टि से गिर्थी नदी का जलस्तर बढ़ा, खतरे में आया चीन सीमा को जोड़ने वाला पुल
शनिवार रात जनपद में भारी बारिश शुरू हुई, जो सुबह आठ बजे तक रही। बारिश से बदरीनाथ हाईवे पर टंगणी गांव के समीप पहाड़ी से मलबा आ गया। इसके साथ ही बाजपुर में भी चट्टान का एक हिस्सा टूट गया। कंचन गंगा में भी जलस्तर बढ़ने से हाईवे पर मलबा और पत्थर आ गए। जिससे तीर्थयात्रियों को जगह-जगह रोक दिया गया।
एनएचआईडीसीएल और बीआरओ की जेसीबी मशीनों से मलबे का निस्तारण किया गया, जिसके बाद बाजपुर में सुबह करीब आठ बजे तक वाहनों की आवाजाही सुचारू कर दी गई, जबकि कर्णप्रयाग बाबा आश्रम, छिनका, कंचन गंगा और पाताल गंगा में अपराह्नन ग्यारह बजे वाहनों की आवाजाही सुचारू हो पाई। टंगणी में अधिक मलबा आने से हाईवे पर तीन जेसीबी मशीनें लगाई गई। इस क्षेत्र में पेयजल की सुविधा न होने के कारण तीर्थयात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने वाहनों में बैठकर ही हाईवे खुलने का इंतजार किया। यहां अपराह्न एक बजे तक हाईवे सुचारू हो सका।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि रुक-रुककर हो रही भारी बारिश से हाईवे बार-बार बाधित हो रहा है। हाईवे को खोलने के लिए पर्याप्त मात्रा में जेसीबी और मैन पावर की तैनाती की गई है।