देवाल/कर्णप्रयाग। वेदनी से लौट रही बधाण की ईष्ट देवी नंदा की डोली शुक्रवार को बेराधार गांव पहुंची। यहां लोगों ने डोली की पूजा-अर्चना की और लोक जात यात्रा का परंपरागत स्वागत किया। शनिवार को लोकजात यात्रा गोठिंडा गांव पहुंचेगी।
शुक्रवार सुबह फस्र्वाण गांव, उलंग्राम में पूजा-अर्चना के बाद नंदा की लोकजात यात्रा हाटकल्याड़ी गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने नंदा जागरों के साथ मां का स्वागत किया। देर शाम नंदा बेराधार गांव पहुंचीं। इस मौके पर प्रधान मनोज मिश्रा, पुष्कर फस्र्वाण, मान सिंह तुलेरा, जय सिंह नेगी, दिनेश मिश्रा, पुष्पा नेगी आदि मौजूद थे। वहीं कर्णप्रयाग के सिमली की चंडिका देवी ने बन्याथ यात्रा के तहत बसक्वाली गांव का भ्रमण किया और रात्रि विश्राम के लिए यात्रा सेनू गांव पहुंचीं। इस दौरान संजय चौहान, कुलदीप चौहान, मलक सिंह, देवेंद्र सिंह रावत, समीर मिश्रा मौजूद थे। वहीं ईड़ा बधाणी में नंदा पाती का आयोजन हुआ। मैखुरा गांव के चंडिका देवी मंदिर में नवरात्र अनुष्ठान का समापन हुआ। इस दौरान दिनेश मैखुरी, शांति प्रसाद, जगदंबा प्रसाद, दीपक मैखुरी, संजय मैखुरी और आशाराम मैखुरी आदि मौजूद थे।