गांवों को नगर पंचायत से अलग करने की उठाई मांग
कहा-विरोध में बाद भी जबरन गांवों को नगर पंचायत में किया शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
थराली। गांवों को नगर पंचायत से अलग करने की मांग को लेकर देवराड़ा, भेंटा और सिमलसैंण के ग्रामीणों ने तहसील पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विरोध करने के बाद भी उनके गांवों को नगर पंचायत में शामिल किया गया। कहा यदि प्रशासन और सरकार ने उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं की तो लोक सभा चुनाव के दौरान भी आंदोलन किया जाएगा।
शुक्रवार सुबह देवराड़ा, भेंटा और सिमलसैंण की सैकड़ों महिलाएं और पुरुष थराली तिराहे पर एकत्र हुए और जुलूस निकालकर तहसील परिसर पहुंचे। यहां हुई सभा में देवराड़ा संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयशंकर प्रसाद और हरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि देवराड़ा, भेंटा और सिमलसैंण का भौगोलिक परिवेश पूर्णरूप से ग्रामीण है। नगर पंचायत से देवराड़ा गांव की दूरी 16 किमी है। यहां के ग्रामीण कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर है। मनरेगा जैसे कामों से उनकी आजीविका चलती है लेकिन जब से उन्हें जबरदस्ती नगर पंचायत में शामिल किया गया है उन्हें रोजगार व अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। नगर पंचायत ने पांच साल में यहां न रास्ते बनाए, न नालियां, न शौचालय न ही स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं। यहां तक कि सफाई कर्मी भी नहीं आता। ग्रामीणों से भवन कर, जलकर और अन्य करों के नाम पर भारी भरकम वसूली की जा रही है। कर नहीं देने पर परिवार रजिस्टर, जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र देने से मना कर रहे हैं। अब्बल सिंह ने कहा कि नगर पंचायत के गठन के समय भी देवराड़ा गांव के ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई थी बावजूद जबरन नगर पंचायत में शामिल किया गया। बाद में प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने एसडीएम अबरार अहमद के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की।