बाघ की खाल की तस्करी के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी संजीव कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मामला वर्ष 2013 का है। मुखबिर की सूचना पर एसओजी थराली की टीम ने कस्बीनगर थराली निवासी कुंदन राम को लोल्टी तुंगेश्वर मोड़ पर बाघ की खाल के साथ गिरफ्तार किया था।
तत्कालीन एसओजी उपनिरीक्षक अनिरुद्ध मैठाणी ने बताया कि आरोपी बाघ की खाल बेचने जा रहा था। मामला सीजेएम की कोर्ट में गया और वर्ष 2014 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी थराली की अदालत में स्थानांतरित हुआ।
मामले की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी बिंदेश्वरी प्रसाद टम्टा ने की। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी संजीव कुमार ने आरोपी को धारा वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम में दोषी मानते हुए तीन वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया।