करंट हादसे के मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल परिसर में हंगामा किया और शवों को अंतिम संस्कार के लिए नहीं ले जाने दिया गया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने सीएम से भेंटकर उनके सम्मुख मांगें रखीं जिस पर सीएम ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए उठाया गया। सुबह आठ बजे से मोर्चरी के बाहर खड़े परिजन पूर्वाह्न 11 बजे शव उठा सके।
सुबह दस बजे जिला अस्पताल में मरीजों का हाल जानने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पुलिस मैदान के गेस्ट हाउस की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मोर्चरी के बाहर खड़े नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व अन्य कांग्रेस नेता ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और धरने पर बैठ गए। आधा घंटे बाद धरना स्थल से नेता प्रतिपक्ष, बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी, मनीष खंडूड़ी व पूर्व विधायक डॉ. जीतराम मुख्यमंत्री से मिलने गेस्ट हाउस पहुंच गए। उन्होंने सीएम के सम्मुख पीड़ित परिवारों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें पीड़ितों की हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद कांग्रेस नेता फिर धरना स्थल पर पहुंच गए। पूर्वाह्न ग्यारह बजे मुख्यमंत्री व अन्य मंत्री हेलीकॉप्टर से दून रवाना हुए तो कांग्रेस ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद परिजन शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, ऊषा रावत, तेजवीर कंडेरी, अरविंद नेगी, विधायक प्रतिनिधि रविंद्र नेगी, योगेंद्र सिंह बिष्ट, गोविंद सजवाण आदि मौजूद रहे।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने विधायक के खिलाफ किया प्रदर्शन
पुलिस मैदान के समीप कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने बदरीनाथ विधायक के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी ने कहा कि कांग्रेस सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए इतने बड़े हादसे को राजनीतिक रूप दे दी रही है। सरकार पीड़ितों की हरसंभव मदद करेगी। कहा कि कांग्रेस के हंगामे से मृतक के परिजनों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान चमोली जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत, भाजपा नेता नवल भट्ट, नंदी राणा, सतेंद्र असवाल, भगत सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
पुलिस को बहाना पड़ा पसीना
मुख्यमंत्री के दौरे के बीच कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन को पसीना बहाना पड़ा। जिस गेस्ट हाउस में सीएम रुके थे, उसके बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी। पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल भी स्वयं कांग्रेस और भाजपा नेताओं को शांत कराने में लगे रहे। धरना स्थल से लेकर मुख्यमंत्री के गेस्ट हाउस तक पुलिस अधिकारी और जवान भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे रहे।