सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) ने केंद्र सरकार पर जन विरोधी और मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए गोपेश्वर में प्रदर्शन कर रैली निकाली। संगठन ने कहा कि सरकार की कोरपोरेट हितैशी नीतियों से महंगाई चरम पर पहुंच गई है।
संयुक्त ट्रेड यूनियनों की ओर से केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में दो दिन की देश व्यापी हड़ताल के दूसरे दिन गोपेश्वर में सीटू ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उन्होंने केंद्र सरकार पर जन विरोधी व मजदूर विरोधी नीतियों को अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने 20 सूत्री ज्ञापन में श्रम कानूनों की पुन: बहाली, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की बिक्री बंद करने, आवश्यक प्रतिरक्षा सेवा अधिनियम को समाप्त करने, मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा लागू करने, आंगनबाड़ी, आशा, भोजन माताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करने आदि की मांग उठाई। प्रदर्शन करने वालों में उषा देवी, अनिता, शांति देवी, राजेश्वरी देवी, काशी देवी, सोबती देवी, सरोजनी, देवेंद्र, भगत सिंह, कमलेश, गीता बिष्ट, भूपाल रावत, नरेंद्र रावत, ज्योति देवी और देवकी देवी आदि शामिल रहे।
निजीकरण बंद करने और न्यूनतम मानदेय की मांग
कर्णप्रयाग/थराली/आदिबदरी। ट्रेड यूनियनों ने कर्णप्रयाग व थराली में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। कर्णप्रयाग तहसील में हुई सभा में उर्मिला नेगी, भूपेंद्र सिंह, सौरभ, जयबीर, मिलन भंडारी, कुशल बिष्ट, राजेंद्र नेगी, मदन मिश्रा ने सरकार पर जनता की उपेक्षा का आरोप लगाया।
वहीं, थराली में सरकार के विरोध में नारेबाजी की गई। तहसील परिसर में पहुंचे ट्रेड यूनियन के नेताओं ने कहा कि सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम 21 हजार रुपये मानदेय देने के साथ ही उन्हें राज्य कर्मचारी घोषित करें। साथ ही भोजनमाताओं, आशा कार्यकर्ताओं, ग्राम प्रहरियों को उचित मानदेय दें। सीटीयू के जिलाध्यक्ष मदन मिश्रा ने कहा कि आज सरकार सभी उपक्रमों का निजीकरण करने पर तुली हुई है, जिससे पूंजीपतियों को लाभ और आम जनता गरीब होती जा रही है। मौके पर जिला कोषाध्यक्ष मुन्नी पंवार, आंगनबाड़ी यूनियन की ब्लाक अध्यक्ष हंसी थपलियाल, बसंती बिष्ट, दीपा देवराड़ी, दीपा पुरोहित, ममता नेगी, यश्विनी रावल, नीमा नेगी, बैजयंती नेगी,पुष्पा खंडूरी, दर्शनी रावत, भागा जोशी आदि मौजूद थे। वहीं आदिबदरी में डाक कर्मियों की हड़ताल से लोग परेशान रहे। लोग रजिस्ट्री, धन निकालने व जमा का कार्य नहीं करा सके। संवाद