जुम्मा नाले पर पुल बहने से 12 गांवों की आवाजाही हो गई थी ठप
बीआरओ ने जोशीमठ-मलारी हाईवे पर पैदल आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार कर लिया है। रास्ता बनने से बुधवार को करीब 100 लोगों ने इससे आवाजाही की। वहीं वाहनों के लिए वैकल्पिक पुल बनाने के लिए ह्यूम पाइप बिछाए जा रहे हैं, जिसके बाद यहां वाहनों की भी आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
मलारी हाईवे पर जुम्मा नाले के उफान से सोमवार शाम सात बजे एक बोल्डर हाईवे के पुल के बीचे फंस गया था। रात करीब 12 बजे जुम्मा नाले के उद्गम स्थल पर ग्लेशियर टूटने से नाला उफान पर आ गया और पुल को बहाकर ले गया था।
इसके बाद से क्षेत्र के नीती, गमशाली, मलारी, जेलम, बाम्पा सहित 12 गांवों के लोगों के साथ चीन सीमा पर सेना के जवानों की आवाजाही ठप हो गई थी। बीआरओ ने मंगलवार को ही यहां वैकल्पिक रास्ता बनाने का काम शुरू कर दिया था। बीआरओ ने मंगलवार को लोगों की आवाजाही के लिए लोहे के पाइप और रस्से डालकर वैकल्पिक अस्थायी रास्ता तैयार कर लिया है जिससे स्थानीय लोगों के साथ सेना के जवानों ने पैदल आवाजाही शुरू कर दी है।
वाहनों की आवाजाही शुरू करने के लिए नदी में ह्यूम पाइप बिछाए जा रहे हैं। इसमें दो दिन का समय और लग सकता है।