संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग/नारायणबगड़/थराली। गौचर-कर्णप्रयाग के बीच चट्वापीपल के पास शनिवार सुबह पहाड़ी से मलबा आने से बंद हो गया। हालांकि एनएच की मशीनों से मलबे को साफ कर यातायात को सुचारू कर दिया गया था। लेकिन 11 बजे के पास पहाड़ी से लगातार मलबा आने से एकबार फिर से हाईवे बंद हो गया। हाईवे के बंद होने से दोनों ओर 550 से अधिक वाहन फंसे गए। यहां दो बजे यातायात बहाल हुआ।
हाईवे के बंद होने पर वहां फंसी गुमानीवाला ऋषिकेश की डौली द्वारा मंडांण लगाकर लोगों का मनोरंजन किया। वहीं एहतियात के तौर पर पुलिस द्वारा बढ़ते वाहनों को देखते हुए कर्णप्रयाग और गौचर में ही वाहनों को रोक दिया। मलबा हटाने के लिए एनएच की दो मशीनों ने दोनों छोरों से लगातार मलबा हटाती रही लेकिन पहाड़ी से लगातार मलबा आने से हाईवे खोलने में दिक्कतें आ रही थी। मशीनों द्वारा करीब दो बजे के पास मलबे को साफ कर हाईवे को फिर से चालू कर दिया।
वहीं चट्टान खिसकने से नारायणबगड़-भगोती-झिझौंणी-गडसिर और कौब-किमोली मोटर मार्ग शुक्रवार से बंद पड़ा हुआ है। हालांकि कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई अवरुद्ध पड़े सड़क मार्ग को खोलने का लगातार प्रयास कर रहा, लेकिन पत्थर और मलबे लगातार गिरने से कार्य बाधित हो रहा है। जबकि बारिश के कारण शुक्रवार को नारायणबगड़-भगोती मोटर मार्ग पर राजघट में चट्टान खिसकने से सड़क ध्वस्त हो गई।
इसके चलते 30 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क ब्लॉक मुख्यालय नारायणबगड़ से कट गया है। पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता आशीष जोशी ने बताया कि शनिवार को मौसम के खुलने के बाद सड़क खोलने का काम शुरू किया गया। दूसरी ओर बारिश के चलते कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे सुनला में बार-बार बंद होता रहा। जबकि देवाल-थराली सड़क चेपड़ों के पास चीड़ के पेड़ गिरने से हाईवे 12 घंटे से अधिक समय तक बंद रहा।