श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 11 मई को ब्रह्म मुहूर्त में चार बजकर तीन मिनट पर आम लोगों के दर्शनार्थ खुलेंगे। सोमवार को आदि गुरू शंकराचार्य की गद्दी के साथ बदरीनाथ के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल और अन्य वेदपाठी जोशीमठ नृसिंह मंदिर से पांडुकेश्वर पहुंचे।
गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा भी पूजा-अर्चना के बाद पांडुकेश्वर के लिए रवाना हुई। मंगलवार को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में यात्रा और रावल बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। सोमवार को जोशीमठ नृसिंह मंदिर में आम श्रद्घालुओं ने शंकराचार्य गद्दी और नृसिंह भगवान के दर्शन कर मनौतियां मांगी।
इस दौरान गढ़वाल स्काउट की बैंड धुनों और भक्तों के जयकारों से जोशीमठ नगरी गुंजायमान हो उठी। इस मौके पर मंदिर समिति अधिकारी भूपेंद्र मैठाणी, सुनील तिवारी, संदीप कपरुवाण, भगवती प्रसाद नंबूरी, अनिल नंबूरी, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती आदि मौजूद थे। ब्यूरो