ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के निर्माण से आसपास के समाज पर पड़ने वाले प्रभाव और भूमि अधिग्रहण को लेकर रेल विकास निगम, राजस्व और विश्व विद्यालय के अधिकारियों की बैठक संपन्न हुई। इसमें 17 मई से सामाजिक प्रभावों का अध्ययन शुरू करने का निर्णय लिया गया।
सोमवार को ब्लाक सभागार में आयोजित बैठक के बाद उपजिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि रेल लाइन निर्माण के आसपास पोखरी के तीन और कर्णप्रयाग के दो गांव पड़ रहे हैं। इनमें बसे किसान, ग्रामीण सहित अन्य लोगों की आर्थिकी, कृषि, रोजगार सहित अन्य स्थितियों पर रेल लाइन का क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका अध्ययन किया जाएगा।
बताया कि पोखरी विकासखंड का गांव शिवाई रेल लाइन का अंतिम स्टेशन है। साथ ही रानौं और लंगाई से भी रेल लाइन गुजरेगी। यही नहीं कालेश्वर और भटनगर गांवों में रेल लाइन को लेकर सामाजिक प्रभाव की सर्वे की जानी है। इसके लिए प्रशासन ने संयुक्त बैठक कर तैयारियों पर चर्चा की।
एसडीएम विवेक प्रकाश ने कहा कि सर्वे में ग्रामीणों से अनापत्ति, दावों का विवरण भी लिया जाना है। बैठक में पोखरी के एसडीएम केएन गोस्वामी, विश्वविद्यालय के डॉ. जेपी भट्ट, तहसीलदार विपिन चंद्र पंत, राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश ओलिया, पीएस नेगी, एसएस नेगी सहित रेल विकास निगम के डीजीएम और अन्य अधिकारी मौजूद थे।