चमोली पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लाखों की ठगी करने वाले हरियाणा के पांच सदस्यीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों से 35 एटीएम कार्ड, 25605 रुपये नगद और एक कार बरामद की है। मंगलवार को पांचों बदमाशों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
गोपेश्वर थाने में विगत 30 मई को एक महिला की ओर से अज्ञात लोगों द्वारा उनका एटीएम कार्ड बदलकर धनराशि आहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। चमोली-गोपेश्वर मार्ग में पोखरी बैंड के समीप 11 जुलाई को थाना पुलिस की ओर से वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही थी।
इसी दौरान पुलिस ने हरियाणा नेम प्लेट की कार को रोका तो इसमें बैठे पांचों लोग सकपका गए। पुलिस ने तलाशी ली तो उनसे एटीएम कार्ड और हजारों की नगदी बरामद हुई। पांचों को थाने में लाने के बाद की गई पूछताछ में उन्होंने चतुराई से एटीएम कार्ड बदल कर ठगी करने की बात स्वीकार की।
पुलिस अधीक्षक प्रीति प्रियदर्शिनी ने इसे पुलिस की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि संदिग्ध व्यक्तियों पर पुलिस पैनी नजर बनाए हुए है। एसपी ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
पकड़े गए लोग-
धर्मपाल पुत्र श्रीचंद्र, उम्र-31 वर्ष, ग्राम-टिटाणा, थाना-सिमल का खिला पानीपत, हरियाणा।
अनूप पुत्र सुरेश कुमार, उम्र-25 वर्ष, ग्राम-शिसाई, थाना-हौसी, जिला हिसार, हरियाणा।
धमेंद्र पुत्र कर्मवीर, उम्र-26 वर्ष, ग्राम-खेड़ी-जालब, जिला-हिसार, हरियाणा
जिले सिंह पुत्र शीशपाल, उम्र-35 वर्ष, ग्राम-खेड़ी, जिला हिसार, हरियाणा
ओमपाल पुत्र प्रीतम सिंह, उम्र-23 वर्ष, ग्राम-केलंगा, थाना-भिवानी, हरियाणा
धंधा जमाने के लिए पहली बार पहुंचे थे उत्तराखंड
गोपेश्वर। पकड़े गए गिरोह के सदस्य इस वर्ष पहली बार उत्तराखंड में अपने धंधे को अंजाम देने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने चार धाम यात्रा के चलते इस धंधे के लिए चमोली जिले को मुफीद स्थान माना। पुलिस अधीक्षक के पूछने पर उन्होंने यह बात स्वीकार भी की।
मदद के बहाने देख लेते थे पासवर्ड
गोपेश्वर। बदमाश मदद के बहाने एटीएम का पासवर्ड देख लेते थे। 30 मई को भी उन्होंने यही किया। इस दिन उन्होंने गोपेश्वर, चमोली और कर्णप्रयाग में दो घंटे के भीतर एटीएम बदलकर 49 हजार की ठगी की। बड़ी चालाकी से ये महिलाओं को एटीएम से पैसे निकालने का तरीका बताने के बहाने पहले तो पासवर्ड देख लेते हैं और फिर एटीएम कार्ड को बदलकर उन्हें दे देते हैं। इसके बाद दूसरे एटीएम में जाकर धनराशि पर हाथ साफ कर देते हैं। जगह-जगह से निकाली धनराशि को लेकर वे अपने गांव लौट जाते थे और आपस में बांट लेते थे। करीब दो माह का समय गुजर जाने के बाद वे पुन: अपने धंधे में लग जाते थे।
आपराधिक प्रवृति का है धमेंद्र
गोपेश्वर। गिरोह में शामिल धर्मेंद्र नाम का युवक आपराधिक प्रवृति का है। वह हरियाणा में दो-तीन बार जेल भी जा चुका है। पुलिस गिरोह के अन्य लोगों के आपराधिक इतिहास भी खंगालने में जुट गई है। पुलिस इनके तार किसी बड़े गिरोह से जोड़कर देख रही है।