जिले में आपदा प्रभावितों को एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री बांटने का मामला सामने आया है। खाद्य सामग्री पर लगे रैपर से खाद्य सामान के कालातीत होने की पुष्टि हुई है। घाट ब्लाक के जाखणी गांव में सोमवार को राहत सामग्री बांटने के लिए एक स्वयंसेवी संस्था की टीम गांव में पहुंची।
टीम की ओर से ग्रामीणों को तेल, मसाला, मोमबत्ती, आटा और चावल बांटा जा रहा था। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान मनोज कठैत ने खाद्य सामग्री के पैकेट पर लगे रैपर देखे तो तेल, मसाला, चावल की एक्सपायरी डेट वर्ष 2013 मिली। इसकी सूचना तत्काल तहसीलदार सोहन सिंह रांगड़ को दी गई।
ग्राम प्रधान मनोज कठैत का कहना है कि तहसीलदार के मामले को गंभीरता से नहीं लेने पर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए खाद्यान्न लौटा दिया। ग्रामीण अब्बल सिंह कठैत, पूरन सिंह फर्स्वाण, चंद्र मोहन नेगी और दुर्गा देवी का कहना है कि प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावितों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
संस्था की ओर से गांव में भेजे गए सामान को तहसील प्रशासन ने लौटा दिया है। एनजीओ को दोबारा एक्सपायरी सामान को प्रभावित क्षेत्रों में न बांटने के निर्देश दे दिए गए हैं।
विनोद कुमार सुमन, डीएम, चमोली