गोपेश्वर। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाताल गंगा पेंच दूसरा सिरोबगड़ बनता जा रहा है। यहां पर चट्टान से आ रहे मलबे और पत्थरों से दहशत के साये में तीर्थयात्रा संचालित हो रही है। इस पेंच पर थोड़ी बारिश होने पर भी चट्टान से मलबा और पत्थर छिटक रहे हैं।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) अब इस पेंच पाताल गंगा के स्थायी समाधान के लिए हिल साइड को काटने में लग गया है, जिससे पत्थर और मलबा आने के बावजूद तीर्थयात्रा बदस्तूर जारी रहे। पाताल गंगा पर इस साल यह नया स्लाइडिंग जोन सामने आया है। पूर्व में यहां हिल साइड के करीब 150 मीटर पर चट्टान थी, जिसे बीआरओ की ओर से हाईवे के विस्तारीकरण के लिए विस्फोट से उड़ाया गया, जिससे चट्टान पूरी तरह हिल र्गई। अब इस चट्टान ने खतरनाक रुप धारण कर लिया है। बीआरओ के कमान अधिकारी मेजर राहुल श्रीवास्तव का कहना है कि यहां पर हिल साइड के मलबे को पूरी तरह से हटा दिया गया है। अब हिल साइड को खोखला बनाया जा रहा है, जिससे मलबा आने पर हाईवे अवरुद्ध न हो।