गोपेश्वर। चमोली जनपद में आए दिन हो रही बारिश सुदूरवर्ती गांव कनोल के ग्रामीणों पर भी कहर बनकर टूटने लगी है। यहां हल्की बारिश में भी गांव में हो रहे भूस्खलन ने ग्रामीणों की नींदें उड़ा दी हैं। कई ग्रामीणों ने अपना घर छोड़कर छानियों में शरण ले रखी है। डरे-सहमे ग्रामीणों ने अब डीएम से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
भूस्खलन की जद में आए कनोल गांव के 47 परिवारों को प्रशासन की ओर से विस्थापन की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन इनका विस्थापन नहीं हुआ। अब बारिश के कहर से एक बार फिर यह गांव भूस्खलन की चपेट में आ गया है, जिस कारण कई ग्रामीणों ने अपने घर छोड़ छानियों में शरण ले रखी है। गांव के पूर्व प्रधान गौर सिंह नेगी का कहना है कि गांव के विस्थापन को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन कार्रवाई तो दूर कोई अधिकारी गांव में झांकने तक नहीं आया। अब जिन छानियों में प्रभावित रह रहे हैं वहां भी बारिश का पानी घुसने लगा है। जिससे ग्रामीण भयभीत हैं।
दोबारा हो रही भूमि चयन प्रक्रिया
कनोल गांव को पहले ही विस्थापन की श्रेणी में रखा गया है। इसके लिए वन पंचायत की भूमि को भी चयनित किया गया, लेकिन भूवैज्ञानिकों की ओर से भूमि को विस्थापन की दृष्टि से ठीक नहीं पाया गया। तहसील स्तर पर दोबारा भूमि चयन की प्रक्रिया चल रही है। - एनके जोशी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, चमोली।