मां अनसूया से भेंट करने के बाद डोलियां अपने-अपने क्षेत्रों के लिए हुईं रवाना
मंदिर में दर्शनों के लिए पहुंचे 15 हजार भक्त, अत्रिमुनि आश्रम भी पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। दो दिनों तक चले अनसूया मेले में देश के विभिन्न जगहों से 387 दंपती पहुंचे। उन्होंने मां अनसूया से संतान की कामना लेकर रात्रि जागरण किया। वहीं कठूड़, खल्ला, देवलधार और सगर की मां भगवती की डोलियों ने भी मां अनसूया से भेंट की और अपराह्न तीन बजे विदा लेकर अपने-अपने क्षेत्र के लिए विदा हुईं। जबकि इन दो दिनों में मां अनसूया के दर्शनों के लिए करीब 15 हजार श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे थे।
दत्तात्रेय जयंती पर आयोजित अनसूया मेले में विभिन्न जगहों से श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे थे। सोमवार को देर शाम विभिन्न गांवों से मां भगवती की डोलियां अनसूया मंदिर पहुंचीं। यहां डोलियों ने एक-एक कर मंदिर की परिक्रमा की और मंदिर के मंडप में विराजमान हुईं। संतान कामना लेकर पहुंचीं महिलाओं को रात नौ बजे देव डोलियों के साथ रात्रि जागरण के लिए बैठाया गया। रातभर महिलाओं ने जागरण किया। मंगलवार को सुबह नौ बजे मां अनसूया के साथ ही अन्य देव डोलियों की विशेष पूजा हुईं। इसके बाद श्रद्धालु और देव डोलियां अपने-अपने क्षेत्रों के लिए विदा हुईं। वहीं कई श्रद्धालु अनसूया मंदिर से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित अत्रिमुनि आश्रम में भी पहुंचे। यहां पहाड़ी पर एक गुफा को लेटकर पार कर श्रद्धालुओं ने अमृत गंगा की परिक्रमा की। इस मौके पर मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, पूर्व प्रमुख भगत सिंह बिष्ट, हीरा राणा, ब्रिजेश सिंह, सुदर्शन तोपाल, सुरेंद्र बिष्ट, दिनेश सेमवाल, जगमोहन और महावीर रावत आदि मौजूद रहे।
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बैरागना से आगे वाहनों की आवाजाही रोकी
गोपेश्वर। गोपेश्वर-मंडल-ऊखीमठ हाईवे पर वाहनों का रैला उमड़ने पर पुलिस प्रशासन ने बैरागना में जीआईसी के खेल मैदान में ही वाहन खड़े करवाए। ऐसे में श्रद्धालुओं को मंडल में अनसूया गेट तक पहुंचने के लिए करीब एक किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ी। इस दौरान बुजुर्ग और बच्चों को आवाजाही में दिक्कतें उठानी पड़ीं। पार्किंग में वाहनों के आड़े-तिरछे खड़े होने से लोगों को अपने वाहनों को निकालने के लिए ही करीब दो घंटे का इंतजार करना पड़ा। संवाद