एसडीएम कुमकुम जोशी ने गांव का किया निरीक्षण, भवनों के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
जोशीमठ (चमोली)। भूस्खलन प्रभावित पगनों गांव में खतरे की जद में आए 38 परिवारों का विस्थापन (शिफ्ट) किया जाएगा। प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। एसडीएम कुमकुम जोशी ने मंगलवार को गांव में जाकर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों को इन घरों से शिफ्ट करने के निर्देश दिए।
पगनों गांव के पिछले भाग में पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। सोमवार को यहां पर तीन भवन अचानक ढह गए थे। मंगलवार को एसडीएम कुमकुम जोशी के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने गांव का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि गांव में लगातार हो रहे भूस्खलन के खतरे को देखते हुए गांव के विस्थापन की प्रक्रिया के तहत भवनों के मूल्यांकन का कार्य शुरू कर दिया गया है। 38 परिवारों को चिह्नित किया गया है जिनको अस्थायी तौर पर सुरक्षित जगह पर विस्थापित किया जाना है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
11 भवन हो चुके धराशाही
पगनों गांव में पिछले दो माह से शुरू हुए भूस्खलन से अब तक 11 भवन ध्वस्त हो चुके हैं। ग्राम प्रधान रीमा देवी ने बताया कि पांच मकान पहले ही टूट चुके थे और तीन मकान सोमवार को टूटे हैं। इसके अलावा एक वन विभाग की चौकी, आंगनबाड़ी केंद्र और राजकीय प्राथमिक विद्यालय का भवन भी ध्वस्त हो चुका है। अभी तक 17 परिवारों को सुरक्षित जगहों पर विस्थापित किया जा चुका है। अब प्रशासन ने 38 अन्य परिवारों को विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संवाद
अभी नहीं की गई अस्थायी व्यवस्था
हालांकि प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से विस्थापित किया जाएगा जिसकी प्रक्रिया पूरी होने में अभी समय लगेगा। गांव में अभी भूस्खलन हो रहा है लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावितों के रहने के लिए कहीं अन्य जगह व्यवस्था नहीं की गई है। प्रभावित परिवार खतरे की जद में आ रहे मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं। भूस्खलन के कारण यहां हर वक्त हादसे की आशंका बनी हुई है।