गढ़वाल। केदारनाथ आपदा में मृत तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की याद में चार जिलों में स्मृति वन की स्थापना दी गई। इस दौरान प्रशासन और ग्रामीणों ने स्मृति वन में पौधे रोपे। कहा गया कि चारधाम यात्रा पर पहुंचने वाले तीर्थयात्री और पर्यटक भी इस स्मृति वन में अपने पूर्वजों की याद में पौधे रोप सकेंगे। उन्हें पौधे के संरक्षण के लिए वन विभाग को दो हजार रुपये की रकम चुकानी होगी।
पीपलकोटी। यहां बदरीनाथ वन प्रभाग की ओर से बिरही में स्मृति वन की स्थापना की गई। पूजा करने के बाद डीएम और बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभारी डीएफओ और ग्रामीणों ने स्मृति वन में पीपल के साथ ही 150 पौधे रोपे। बिरही, लुहां, दिगोली गांव की महिलाओं ने भी पौधरोपण किया। डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि स्मृति वन का निर्माण एक हेक्टेयर भू भाग में किया गया है। इसके संरक्षण की जिम्मेदारी वन विभाग की होगी डीएम स्वाति एस भदौरिया ने जंगल की आग बुझाने में अपना योगदान देने वाली बिरही गांव की महिलाओं को 2500 रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्तिपत्र दिए। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष रमेश बंडवाल, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, मुख्य कोषाधिकारी वीरेंद्र कुमार, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक डा. आरएस सजवाण आदि मौजूद थे।
रुद्रप्रयाग। रतूड़ा में स्मृति वन स्थापना के तहत 50 पौधों का रोपण किया गया। रतूड़ा में स्मृति वन स्थापना कार्यक्रम का शुभारंभ गढ़वाल आयुक्त डा. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने किया। उन्होंने सीईओ सीएन काला को आदेश दिए कि स्मृति वन में रोपित पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निकटवर्ती स्कूलों के छात्र-छात्राओं को सौंपी जाए। प्रत्येक बच्चे के नाम पर रोपित पौधों का आवंटन करें, जिस छात्र/छात्रा का पौधा स्वस्थ व सुंदर होगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी स्मृति वन विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी अरविंद पांडे, एसडीओ महिपाल सिंह सिरोही, एसडीएम सदर बृजेश तिवारी, प्रभारी अधिकारी एमडी जोशी, उद्यान अधिकारी योगेंद्र सिंह, पर्यटन अधिकारी पीके गौतम, डीईओ बेसिक डा. विद्या शंकर चतुर्वेदी, ईई पीएस बिष्ट, डीओपीआरडी केएन गैरोला आदि मौजूद थे।
ममंद ने किया विरोध
पीपलकोटी। ग्राम पंचायत गाड़ी की महिला मंगल दल ने इस कार्यक्रम पर ऐतराज जताया। ग्राम प्रधान कुसुम गड़िया, ममंदल अध्यक्ष कुंवरी देवी, मधु देवी, कमला देवी, बसंती देवी और दीपा ने कहा कि ग्राम पंचायत गाड़ी में स्मृति वन की स्थापना की गई है, लेकिन ग्राम पंचायत की महिला मंगल दल को ही कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण नहीं दिया गया।
छह हजार फलदार पौधे लगाए
उत्तरकाशी। भटवाड़ी ब्लॉक के द्वारी गांव स्थित स्मृति वन में वृहद पौधा रोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान गंगोत्री विधायक गोपाल रावत व डीएम डा. आशीष चौहान सहित कई लोगों ने करीब छह हजार फलदार पौधे लगाकर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गंगोत्री विधायक ने कहा कि स्मृति वनों का निर्माण कर फलदार पौधे रोपने का उद्देश्य आपदा प्रभावितों की यादों को जिंदा रखने के साथ ही ग्रामीणों की आर्थिकी को भी मजबूत करना है। इसके देखरेख की जिम्मेदारी आसपास के तीन गांवों के महिला मंगल दलों को सौंपी गई है, जो ममंद सबसे बेहतरीन तरीके से पौधों की देखभाल करेगा उसे विधायक निधि से 1 लाख रुपये की ईनामी धनराशि दी जाएगी। डीएम ने कहा कि स्मृति वन की बेहतर देखभाल के लिए तीन गांवों को सेक्टर में बांटा गया है। देखभाल के लिए गांव के लोगों के साथ-साथ उद्यान विभाग के कर्मचारियों की भी तैनाती की गई है। कार्यक्रम के दौरान डीएफओ संदीप कुमार, सीडीओ प्रशांत आर्य, एसडीएम देवेंद्र नेगी, मुख्य उद्यान अधिकारी प्रभाकर सिंह, सीवीओ डॉ. प्रलयंकर नाथ, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, सहायक निदेशक मत्स्य प्रमोद शुक्ला, हरीश डंगवाल, विजय संतरी आदि मौजूद रहे।
नई टिहरी। सीडीओ आशीष भटगांई और डीएफओ डा. कोको रोसे ने देवीधार पिकनिक स्पॉट में पौधरोपण किया। सीडीओ भटगांई ने बताया कि ढालवाला स्थित गार्डन में कोई भी तीर्थयात्री निर्धारित शुल्क देकर अपने पूर्वजों की स्मृति में पौधे लगा सकता है। उनका संरक्षण वन विभाग करेगा और संबंधित व्यक्ति को समय-समय पर फोटो भी भेजेगा। इस मौके पर रेंजर आशीष डिमरी, एसपी उनियाल, पीएल डोभाल, लक्ष्मण सजवाण, होशियार सिंह बिष्ट, रामाशीष यादव व ओमप्रकाश कुकरेती आदि मौजूद थे। ब्यूरो
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आपदा में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए किया यज्ञ
श्रीनगर। केदारनाथ आपदा में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए कमलेश्वर मंदिर परिसर में यज्ञ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। महंत आशुतोष पुरी ने बताया कि यज्ञ के दौरान मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई है। साथ ही समाज की खुशहाली व समृद्धि के लिए भी कमलेश्वर महादेव से प्रार्थना की गई है। यज्ञ में प्रकाश चंद्र खंकरियाल, जगदीश नैथानी, स्कंद पुरी, ध्रुव गोस्वामी, देवेंद्र फरस्वाण, मुन्नीदेवी, विमला देवी, कोटी देवी आदि शामिल थे।