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गांधी जयंती पर डेढ़ दशक से मना रहे काला दिवस

Wed, 02 Oct 2013 10:49 PM IST
अमर उजाला/हरीश लखेड़ा, नई दिल्ली
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पिछले डेढ़ दशक से लगातार उत्तराखंडी हर बार गांधी जयंती को जंतर-मंतर पर जमा होते हैं, और दिनभर का धरना देते हैं।
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इस उम्मीद के साथ कि 1994 में मुजफ्फरनगर में गांधी जयंती की रात उत्तराखंडी आंदोलनकारियों पर जुल्म करने वाले उत्तर प्रदेश के नेताओं से लेकर पुलिस व पीएसी के आला अफसरों व जवानों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

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उत्तराखंडियों को अब न्याय की उम्मीद
इस बार भी उत्तराखंड से लेकर दिल्ली के उत्तराखंडियों ने जंतर-मंतर पर दिनभर का धरना दिया और इसे काला दिवस के तौर पर मनाया।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को चाराकांड में 17 साल बाद मिली सजा के बाद उत्तराखंडियों को भी इस कांड में अब न्याय की उम्मीद जग गई है।

उत्तराखंडियों पर गोलियां चलाई
अलग राज्य के लिए उत्तराखंड आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर लगातार सात साल तक चले धरने को जिंदा रखने वाले व अब हर साल जंतर-मंतर पर धरना आयोजित करने के सूत्रधार पत्रकार देव सिंह रावत कहते हैं कि लालू प्रकरण से उम्मीद जगी है कि न्याय प्रणाली में देर हो सकती है पर अंधेर नहीं।
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रावत कहते हैं कि यह बात सभी देशवासी जानते हैं कि तब यूपी की मुलायम सिंह सरकार की पुलिस व पीएसी ने दिल्ली की रैली में शामिल होने जा रहे निहत्थे उत्तराखंडियों पर गोलियां चलाई थीं।

इसमें डेढ़ दर्जन लोग मारे गए थे और उस काली रात में पुलिस जवानों ने आधा दर्जन महिलाओं के साथ बलात्कार भी किया। यह बातें सीबीआई की रिपोर्ट में दर्ज हैं।

महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार
यह संयोग ही है कि 19 साल पहले भी सपा के शासन में इसी मुजफ्फरनगर में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ और अब भी सपा की सरकार है, लेकिन इस बार लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार के चलते इलाके में दंगे हो गए।

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बहरहाल, इलाहाबाद हाईकार्ट ने इस कांड को लेकर तब के मुजफ्फरनगर के डीएम अनंत कुमार सिंह और आईजी बुआ सिंह समेत कई अफसरों को दोषी ठहराया था, लेकिन मामला अब भी अदालत की फाइलों में दबा है और दोषियों को सजा मिलना तो दूर उन्हें तरक्की ही मिली।
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अरविंद केजरीवाल ने भी धरने में शिरकत की
इसलिए 1995 से हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में उत्तराखंडी जंतर-मंतर पर जमा हुए और काला दिवस मनाते हुए दिनभर का धरना दिया।

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दिल्ली विधानसभा के चुनाव में उत्तराखंडियों को रिझाने के मकसद से आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल व दिल्ली प्रोग्रेसिव पार्टी के अध्यक्ष जगदीश ममगांई समेत कई नेताओं ने भी धरने में शिरकत की। धरने में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी, हीरा सिंह राणा, चंद्र सिंह राही समेत विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए।
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