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सीबीआई जांच वापस लेने का फैसला असंवैधानिक: चौहान

Mon, 16 May 2016 09:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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मुन्ना सिंह चौहान - फोटो : AmarUjala
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मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ सीबीआई जांच की अधिसूचना वापस लेने संबंधी प्रदेश मंत्रिमंडल के ताजा फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने इसे ‘जालबट्टा’ करार दिया।
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कहा, यह उनको विधायकों की खरीद- फरोख्त मामले में सजा से बचाने की कोशिश है। सवालों की झड़ी लगाते हुए उन्होंने पूछा कि हरीश रावत सीबीआई जांच से भाग क्यों रहे हैं? भाजपा नेता ने लोगों से आह्वान किया कि मुख्यमंत्री जहां कहीं भी मिलें, उनसे इस मामले पर सवाल जरूर करें।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए चौहान ने कहा कि यह असाधारण घटना है कि शहर में मुख्यमंत्री के मौजूद होते हुए मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता एक वरिष्ठ मंत्री ने की। इस बैठक में मुख्यमंत्री के खिलाफ सीबीआई जांच वापस लेने का फैसला किया गया जो कि जनता के साथ बड़ा धोखा और असंवैधानिक है।
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'सीएम खुद ही मुलजिम और खुद ही मुंसिफ'

हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
सुप्रीम कोर्ट ऐसे ही दो मामलों में बता चुका है कि राज्य सरकारों को सीबीआई जांच वापस लेने का अधिकार नहीं है। स्टिंग मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला राज्यपाल का है। संविधान के अनुसार वे मुख्यमंत्री व मंत्रियों के नियोक्ता हैं। ऐसे में उनके फैसले को मंत्रिमंडल कैसे बदल सकता है।

एसआईटी से जांच कराने को पर उन्होंने चुटकी ली कि मुख्यमंत्री ‘खुद ही मुंसिफ और खुद ही मुलजिम’ बन रहे हैं। यदि मुख्यमंत्री अपनी अधीनस्थ पुलिस से जांच करवाएंगे तो नतीजा क्या आएगा, यह सबको मालूम है।

इससे साबित होता है कि उन्होंने परोक्ष रूप से अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है। भाजपा इस मुद्दे को गांव-गली तक जनता के बीच लेकर जाएगी।
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