इंदिरा हृदयेश और मुख्यमंत्री हरीश रावत
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मुख्यमंत्री हरीश रावत के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि बीच-बीच में नाराजगी जाहिर करने वाली कैबिनेट मंत्री इंदिरा
हृदयेश ने सरकार को बचाने का मोरचा संभाला हुआ है। ऐसे में अब रावत पूरी तरह से सहज दिखकर अपने कुनबे के विधायकों की
धड़कनों को बढ़ने से रोकने में भी जुटे हुए हैं।
कांग्रेस के बागी विधायकों की विधानसभा सदस्यता को समाप्त करने की ओर कदम बढ़ाकर कांग्रेस ने अपने लिए बहुमत जुटाने और
अपने कुनबे को सुरक्षित रखने का इंतजाम भी कर लिया है।
भाजपा की रणनीति का बड़ा हिस्सा कांग्रेस के बागी विधायकों के सरकार के खिलाफ मतदान करने पर टिकी हुई है। कांग्रेस फिलहाल
इसी की काट को खोजने में जुटी हुई है।
बागी विधायकों की सदस्यता को समाप्त करने के लिए कांग्रेस ने दल बदल कानून के उस हिस्से का सहारा लिया है, जिसमें सदस्य के
आचरण के आधार पर सदस्यता समाप्त की जा सकती है।