राष्ट्रपति शासन समाप्त कर सरकार बहाली को लेकर हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को लेकर नौकरशाही में देर रात तक असमंजस में स्थिति रही। आला नौकरशाहों को यही समझ में नहीं आ रहा था कि आखिरकार वह क्या कदम उठाए?
राज्य संपत्ति और सचिवालय प्रशासन से जुड़े अफसरों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि क्या मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों को सरकार की ओर से दी जाने वाली सरकारी सुविधाएं मुहैया करायी जाय या नहीं?
तमाम विभागों के अफसर मुख्य सचिव की ओर से आदेश जारी किए जाने का इंतजार करते रहे। राज्य संपत्ति और सचिवालय प्रशासन से जुडे़ तमाम आला अफसरों ने कहा कि जब तक उनके पास कोई लिखित आदेश नहीं आ जाता है तब तक वह कैसे सभी सरकारी सुविधाएं बहाल कर सकते हैं।