उत्तराखंड में सियासी संकट के दौरान बजट-2016 का ढाल और तलवार के रूप इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस बजट को ढाल की तरह प्रयोग कर रही है और भाजपा इसी बजट को कांग्रेस के खिलाफ तलवार के रूप में इस्तेमाल करेगी।
अघोषित चुनावी रणभेरी के साथ दोनों दल अपने फार्मूले के साथ जनता के बीच जाने को तैयार हैं। कांग्रेस और भाजपा हाईकमान ने भी इस चुनावी रणनीति के बजट फार्मूले को हरी झंडी दे दी है। कांग्रेस बजट-2016 के प्रावधानों को दिखाकर भाजपा को जन विरोधी साबित करने की तैयारी में है। कांग्रेस का बजट फार्मूला हाईकमान ने भी पास कर दिया है।
उत्तराखंड प्रभारी अंबिका सोनी ने कहा कि बजट-2016 बेहतरीन है। इसमें आम जनमानस की सुविधाओं को ध्यान में रखा गया था। इसी से घबराकर भाजपा ने सरकार के खिलाफ साजिश रची। जन सुविधाओं के लिए बजट में किए गए प्रावधानों की कांग्रेस ने बाकायदा सूची तैयार कर रखी है। विधायकों और कांग्रेस नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि बजट के साथ जनता का दरवाजा खटखटाना शुरू करें और भाजपा के आरोपों का सच जनता को बताएं।
कांग्रेस जिस बजट-2016 को विकास का दस्तावेज बता रही है, उसी को भाजपा ‘झूठ का पुलिंदा’ साबित कर रही है। विधानसभा सदन से लेकर सड़क तक के कार्यक्रमों में भाजपा ने बजट में खामियां ही खामियां निकाली हैं। अब इन्हीं खामियों को वह जनता के बीच ले जा रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत समेत अन्य रणनीतिकारों ने नेताओं से कहा कि बजट के आधार पर ही कांग्रेस पर हमला बोलें। जनता के बीच जाकर झूठ उजागर करें। बिजली, पानी, सड़क का विकास झूठा है। धरातल पर कुछ भी नहीं है। अघोषित चुनावी रणभेरी के साथ दोनों दलों ने चुनावी रणनीति का खाका अपने नेताओं को दे दिया है।