उत्तराखंड में टिहरी बांध के पार बसे दर्जनों गांवों के लोगों की मदद के लिए पुनर्वास निदेशालय शीघ्र ही पांच नई बोटें चलाएगा। फिलहाल एक साल तक इन बोटों का नि:शुल्क संचालन किया जाएगा।
ग्रामीणों को होगा फायदा
बोटों का संचालन घोंटी-पडागली, सारपुल, डोबरा-नकोट, चिन्यालीसौड़-देवीसौड़ और तुल्याड़ा-चिन्यालीसौड़ में किए जाने की योजना है। इससे ढुगमंदार, गौजियाणा, पडागली, सागडिया, ननुवा, थात, मुसांकरी, चांठी, नकोट आदि गांवों को लाभ मिलेगा।
टेंडर आमंत्रित किए गए
घनसाली, कोटीकालोनी, चिन्यालीसौड़ बाजार से लोगों को सामान ले जाने में भी सुविधा मिलेगी। सड़क मार्ग के बजाय बोट से लोग जल्दी अपने घर, नाते रिश्तेदारी और कार्यालयों में पहुंच पाएंगे। पुनर्वास निदेशालय ने इन बोटों के संचालन के लिए टेंडर आमंत्रित किया है। बोट में सवारी के लए लाइफ जैकेट, कुशल तैराक और हेल्पर की व्यवस्था आवश्यक शर्त रखी गई है।
दिनभर में दस चक्कर लगाएगी नाव
पुनर्वास निदेशालय के ईई आरके तिवारी ने बताया कि टेंडर मिलने के उपरांत इसी माह के अंत में या दिसंबर से बोटों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। प्रत्येक बोट एक दिन में 10 चक्कर लगाएंगी। ग्रीष्म और शीतकाल में बोट संचालन के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया जाएंगा। झील के जल स्तर में उतार-चढ़ाव होने पर बोट संचालन का स्थान बदला जाएंगा।