नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले से उत्तराखंड की राजनीति में आए नए मोड़ के बीच भाजपा ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए खुद को तैयार कर लिया है। हाईकोर्ट का फैसला आते ही तत्काल सक्रिय हुए भाजपा नेतृत्व ने राज्य इकाई को अपने और कांग्रेस के बागी विधायकों को नए सिरे से एकजुट करने का निर्देश दिया है।
इसके अतिरिक्त नेतृत्व की निगाहें बागी विधायक विजय बहुगुणा और सतपाल महाराज के खेमे के कांग्रेसी विधायकों पर भी टिकी हैं। पार्टी के रणनीतिकारों को पता है कि शीर्ष अदालत से राहत न मिलने की स्थिति में हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक रावत सरकार का विधानसभा में शक्ति परीक्षण होगा।
पार्टी और केंद्र सरकार को ऐसे समय में अग्निपरीक्षा के दौर से गुजरना होगा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली विदेश में होंगे। पीएम मोदी तीन देशों की यात्रा पर मंगलवार रात रवाना हो गए तो जेटली पहले से ही आस्ट्रेलिया में हैं।