प्रदेश में राष्ट्रपति शासन के बीच भाजपा पर दबाव बनाने के लिए कांग्रेस ने सारे मोर्चे खोल दिए हैं। लोकतंत्र बचाओ मशाल यात्रा के जरिए कांग्रेस ने लोगों के बीच पहुंचकर राष्ट्रपति शासन के लिए भाजपा को जिम्मेदार बताना शुरू कर दिया है।
इसके साथ ही सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल से मिलकर भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के कार्यक्रमों में खलल डालने की कोशिश की शिकायत की। नैनीताल उच्च न्यायालय में कांग्रेस पहले से ही पूरी ताकत झोंक चुकी है।
500 से अधिक स्थानों पर कांग्रेस की यात्रा
लोकतंत्र बचाओ यात्रा के जरिये कांग्रेस 10 अप्रैल से भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है। इसके तहत कांग्रेस 500 से अधिक स्थानों से यात्रा का आयोजन कर रही है। 12 अप्रैल को किशोर खुद टिहरी और उत्तरकाशी में मशाल यात्रा में शामिल होंगे।
15 अप्रैल को किशोर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के पैतृक गांव बुघाणी से मशाल यात्रा निकालेंगे। इसी दिन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मलेथा में मशाल यात्रा में शामिल होंगे। कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन 18 अप्रैल तक जारी रहेगा।
पैरवी में नहीं छोड़ कांग्रेस कोई कसर
इसके साथ ही किशोर ने रविवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से कांग्रेस के कार्यक्रमों में भाजपा की ओर से खलल डालने की शिकायत की। किशोर के मुताबिक राजभवन की ओर से सकारात्मक कार्यवाही का संकेत दिया गया है।
नैनीताल उच्च न्यायालय में कांग्रेस पैरवी में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। एकल बैंच की सुनवाई के लिए बाकायदा कपिल सिब्बल पहुंचे। अब 18 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में भी पुरजोर पैरवी करने का मन बना चुकी है।