बागेश्वर। गरुड़ नगर में पार्किंग सुविधाओं के विकास के लिए अच्छी खबर है। गरुड़ में अब पूर्व में प्रस्तावित 46 वाहन क्षमता की पार्किंग के स्थान पर 150 वाहन क्षमता की पार्किंग बनाई जाएगी। इससे गरुड़ की यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।
गरुड़ में पार्किंग की असुविधा को देखते हुए पूर्व में 46 वाहन क्षमता की पार्किंग प्रस्तावित की गई थी। पार्किंग के निर्माण की कवायद चल ही रही थी कि डीएम अनुराधा पाल ने पार्किंग को आवश्यकता के अनुरूप न देखकर गरुड़ में कम से कम 150 वाहन क्षमता की पार्किंग बनाने का निर्णय लिया। प्रस्तावित पार्किंग का नए सिरे से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
डीएम ने बताया कि गरुड़ में पार्किंग सुविधाओं की कमी है। गरुड़ में 150 वाहन क्षमता की पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध है। पर्याप्त बजट की भी उपलब्धता है। जल्द ही पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
पार्किंग सुविधा विकास के लिए उठे हैं कदम
बागेश्वर। जिला मुख्यालय के साथ ही कपकोट में भी पार्किंग सुविधाओं का अभाव है। हाल के दिनों में जिले की पार्किंग व्यवस्था को पुख्ता बनाने की दिशा में सरकार की ओर से कदम उठाए गए हैं। नगर के त्यूनरा में 20 वाहन क्षमता की पार्किंग स्वीकृत हुई है। कार्यदायी संस्था ग्रामीण विकास विभाग ने पार्किंग निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। कपकोट में दो पार्किंग का निर्माण हो रहा है। कांडा के लिए पार्किंग प्रस्तावित है। संवाद
दोमंजिली पार्किंग का काम दो साल से बंद
बागेश्वर। पार्किंग सुविधाओं के विकास की कवायद के बीच एक स्याह पक्ष यह भी है कि नगर में पिछले चार साल से बन रही 60 वाहन क्षमता की दोमंजिली पार्किंग का काम बजट के अभाव में दो साल से रुका पड़ा है। शासन ने वर्ष 2020 में दोमंजिली पार्किंग के लिए दो करोड़ बारह लाख रुपये मंजूर किए। नगरपालिका को पहली किश्त के रूप में 50 लाख रुपये की रकम अवमुक्त हुई। इस रकम से नगर के गरुड़ रोड पर भूतल का निर्माण हुआ। अवशेष रकम अवमुक्त न होने से वर्ष 2021 के अंत से पार्किंग का काम रुक गया। अब भी रुका पड़ा है। इस पार्किंग को पूरा कराने के लिए नेता, अफसर कब हरकत में आएंगे, यह अहम और सुलगता हुआ सवाल है। संवाद
निर्माणाधीन दोमंजिली पार्किंग की अवशेष रकम अवमुक्त कराने के लिए शासन से वार्ता की जाएगी। अवशेष रकम अवमुक्त कराने का प्रयास किया जाएगा।
अनुराधा पाल, डीएम, बागेश्वर।