बागेश्वर में पुलिस उपाधीक्षक को ज्ञापन देते जोहार सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति के सदस्य। संवाद
- फोटो : Samvad
दुकानों का सामान तहसनहस करने और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप
बागेश्वर। सरस मार्केट की दुकानों को खाली कराने का विवाद थमा नहीं है। अब जोहार सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था ने दुकान खाली करवाने आए बीडीओ और समूह की महिलाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है। समिति के सदस्यों ने सीओ को एसपी के नाम का ज्ञापन सौंपकर बीडीओ और समूह की महिलाओं के खिलाफ दुकान में रखे सामान का तहसनहस करने और भोटिया समाज के लोगों को जातिसूचक शब्द कहने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।
समिति की अध्यक्ष पूजा जंगपांगी के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि भोटिया पड़ाव में कई दशकों से उत्तरायणी पर धारचूला, दारमा, मुनस्यारी, जोहार के लोग आकर व्यापार करते हैं। इस साल भी सीमांत के व्यापारियों ने दुकानें लगाई थी। छह फरवरी को बीडीओ और समूह की महिलाओं ने दुकानों के ताले तोड़कर भीतर रखे सामान को तितर-बितर कर दिया और विरोध करने पर सीमांत के व्यापारियों के साथ गालीगलौज और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। समिति ने सात फरवरी को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराने को तहरीर दी लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हुई। इधर, सीओ अंकित कंडारी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। ज्ञापन देने वालों में राम सिंह राणा, गंगा सिंह पांगती, मंजुला देवी, दीपा मर्तोलिया, राधा देवी, अनीता देवी, अंजलि देवी आदि मौजूद रहे।
कोट-तहसीलदार मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में सरस बाजार को खाली कराया गया था। आरोप निराधार और मिथ्या हैं।- आलोक भंडारी, बीडीओ, बागेश्वर