बागेश्वर। पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि कार्यों को आसान बनाने के लिए पावर वीडर और घास कटाई मशीनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन पर्याप्त प्रशिक्षण और सुरक्षात्मक जानकारी न होने के कारण आधुनिक कृषि यंत्र ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।लीली गैनाड़ गांव में एक महिला घास काटते समय पावर वीडर मशीन की चपेट में आने घायल हो गई। घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लापरवाही और अनियंत्रित प्रयोग के चलते आए दिन लोग इन मशीनों की चपेट में आकर गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। लीली गैनाड़ निवासी भोपाल सिंह की पत्नी कमला देवी (48) बीते दो वर्षों से खेत में घास काटने के लिए मशीन का उपयोग कर रही थीं। शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे जब वह खेत की मेड़ पर मशीन से काम कर रही थीं, तभी अचानक मशीन अनियंत्रित हो गई। मशीन के ब्लेड की चपेट में आने से कमला देवी के दाएं हाथ और बाएं पैर में गहरे कट लग गए, जिससे वह लहूलुहान होकर खेत में ही गिर पड़ीं। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में उन्हें संभाला और लहूलुहान हालत में जिला अस्पताल पहुंचाया।
सीएमएस डॉ. गिरिजाशंकर जोशी ने बताया कि लीली गैनाड़ से आई घायल महिला के हाथ की नसों में गंभीर कट लगा है, जिनका ऑपरेशन किया जाएगा। जिले में घास कटाई और कृषि मशीनों के प्रयोग के दौरान बरती जा रही बेपरवाही के कारण अस्पताल में ऐसे हादसों के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी देखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील है कि इन मशीनों का उपयोग करते समय दस्ताने, बूट और सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें तथा पूरी सावधानी बरतें।