बागेश्वर। पुंगरघाटी के गांवों में जंगली सुअर की धमक बढ़ गई है। रात होते ही जंगली सुअरों का झुंड खेतों में घुसकर फसल को बर्बाद कर रहा है। शासन-प्रशासन की अनदेखी से आक्रोशित दोफाड़ और पलायन के ग्रामीण फसल बचाने के लिए खुद ही मोर्चा संभाल रहे हैं। ग्रामीण रात को कनस्तर और बर्तन बजाकर जंगली सुअरों से फसलों की सुरक्षा कर रहे हैं।
जिले में जंगली सुअरों के कारण किसानों का खेती से मोहभंग होता जा रहा है। खेतीबाड़ी से जीवन बसर करने वालों के लिए जंगली सुअर बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। पुंगरघाटी के किसानों ने कई बार शासन-प्रशासन को समस्या बताई। महिलाओं ने खुद ही समस्या से निपटने की ठानी और महिला मंगल दल ने रात को जागरण कर सुअरों से खेतों को बचाने का निर्णय लिया। महिला मंगल दल की मीनाक्षी देवी, रेवती देवी, दीपा देवी, गाउली देवी, प्रदीपा कालाकोटी, चेतना कालाकोटी, मोहिनी देवी, साबुली देवी आदि रोजाना रात के समय बर्तन बजाकर खेतों की रखवाली कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि वह जान जोखिम में डालकर खेतीबाड़ी बचाने के लिए मजबूर हो रही हैं। प्रशासन से जल्द समस्या का निदान नहीं किया तो पुंगरघाटी विकास मंच की महिलाएं शासन-प्रशासन को जगाने के लिए जिला मुख्यालय में कनस्तर बजाने को मजबूर होंगी। संवाद