ागेश्वर में हैंडपंप से पानी भरते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। सरयू और गोमती के तट पर बसे 50 हजार की आबादी वाले बागेश्वर नगर को जरूरत का आधा पानी भी नहीं मिल पा रहा है। लोग जलधारों और हैंडपंपों पर निर्भर हैं। पर्याप्त पानी के लिए नगरवासियों को अभी एक साल और इंतजार करना होगा।
नगर को रोज 7.26 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन केवल 3.60 एमएलडी पानी मिल रहा है। नगर के तहसील रोड, मंडलसेरा आदि इलाकों को एक दिन छोड़कर पानी दिया जाता है। पानी की कमी के कारण मंडलसेरा में लोगों को पानी के नए संयोजन नहीं मिल पा रहे हैं। पीने के पानी के लिए लोग तहसील रोड, नदीगांव रोड स्थित हैंडपंप के साथ ही श्रीनौला धारे पर निर्भर रहते हैं।
जिला मुख्यालय के लिए 11.21 करोड़ रुपये की लागत की मंडलसेरा पेयजल योजना बन रही है। 65 करोड़ की लागत से जखेड़ा पेयजल योजना का पुनर्गठन हो रहा है। 29 करोड़ की लागत से खरही पेयजल योजना, पांच करोड़ की लागत से मेहनरबुंगा, 17 करोड़ की लागत से जेठाई, 3.19 करोड़ की लागत की खडरिया पेयजल योजना का निर्माण हो रहा है। इन योजनाओं के बनने में एक वर्ष का समय लगेगा। तब तक नगरवासियों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ेगी।
जिला मुख्यालय के लिए बन रही सभी पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य एक वर्ष के भीतर पूरा हो जाएगा। इन योजनाओं के बनने के बाद नगर में पानी की कमी नहीं रहेगी।
- चंदन राम दास विधायक बागेश्वर।