कपकोट के तिमिला बगड़ की महिला की मौत के मामले में हाइड्रोपावर कंपनी के परिसर में चल रहा ग्रामीणों का धरना 20 घंटे बाद समाप्त हुआ। पूरी रात ग्रामीण महिला का शव लेकर धरने पर डटे रहे। विधायक सुरेश गढि़या की मध्यस्थता के बाद कंपनी मुआवजा देने पर राजी हुई और मुआवजे की रकम चुकाने के बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म किया। करीब 29 घंटे बाद ग्रामीणों ने महिला का सरयू नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया।
बीते बृहस्पतिवार की सुबह करीब 11:30 बजे सरयू नदी में कपड़े धोने गई विमला देवी की बहने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने विमला की मौत के लिए उत्तर भारत हाइड्रोपावर कंपनी को जिम्मेदार बताया। ग्रामीणों का कहना था कि कंपनी की ओर से बिना सायरन बजाए डैम से पानी छोड़ दिया गया।
अचानक जलस्तर बढ़ने से महिला तेज बहाव में बह गई थी। पहले ग्रामीणों ने सीएचसी में हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद ग्रामीण शव लेकर सीधे हाइड्रोपावर कंपनी में पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के धरने को देखते हुए कंपनी में भी कामकाज बंद कर दिया गया।
शाम पांच बजे शुरू किया था धरना
विधायक ने पहुंचकर संभाला मोर्चा
शुक्रवार को विधायक सुरेश गढि़या मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ कंपनी के प्रबंधक और कर्मचारियों से वार्ता की। ग्रामीणों की मांग के अनुसार कंपनी के मालिक से फोन पर बातचीत की। विधायक ने कहा कि कंपनी की लापरवाही से महिला की मौत हुई है तो कंपनी को उचित मुआवजा भी दिया जाना चाहिए। कंपनी के मालिक से वार्ता के बाद मुआवजे की राशि तय की गई और ग्रामीणों ने दोपहर एक बजे धरना समाप्त किया।
कंपनी को हुआ 25 लाख से अधिक का नुकसान
कंपनी की लापरवाही से महिला की मौत को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। आपसी बातचीत से मामले को सुलझा लिया गया है। कंपनी को मानकों और नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को समझौते का पालन कराने को कहा गया है।
-सुरेश गढि़या, विधायक, कपकोट।
टैक्सी यूनियन
विमला मर्तोलिया की मृत्यु के मामले में शुक्रवार को पिंडारी टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष दयाल बड़ती और भराड़ी टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विवेक कोरंगा ने भी टैक्सी चालकों से बंद का आह्वान किया था। कुछ चालकों ने दोपहर तक अपने वाहन बंद रखे। वहीं भराड़ी के व्यापार मंडल अध्यक्ष बृज मोहन ऐठानी और कपकोट व्यापार मंडल अध्यक्ष तारा कपकोटी ने भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की थी जिसके चलते आधे दिन तक कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे।