फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दवा लेने आठ किमी दूर दौड़ लगाते हैं इड़ा के ग्रामीण

विज्ञापन
बागेश्वर के इड़ा गांव से बुजुर्ग महिला को डोली से अस्पताल लाते गांव के लोग। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
विज्ञापन
बागेश्वर। बुड़घूना ग्राम पंचायत का इड़ा तोक मार्ग नहीं होने के कारण पलायन का दंश झेल रहा है। गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। राशन से लेकर दवा लेने तक लोगों को आठ किमी पैदल चलकर घिंघारूतोला आना पड़ता है। शासन और प्रशासन की उपेक्षा के कारण गांव की करीब 70 प्रतिशत आबादी पलायन कर चुकी है। बाकी परिवार परेशानियों को नियति मानकर जीने के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन

इड़ा गांव में 15 साल पहले तक करीब 60 परिवार और तीन सौ की आबादी थी। 1997 में जिला बनने के बाद हर गांव में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा मिलने की आस जगी। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क बनने के बावजूद इड़ा गांव वाहन सुविधा से वंचित रहा और गांव से पलायन शुरू हो गया। वर्तमान में गांव में करीब 20 परिवार ही बचे हैं। ग्रामीण शंकर रौतेला, दर्वान रौतेला, पंकज रौतेला, पूर्व प्रधान प्रकाश रौतेला, नंदन सिंह कनवाल, विजय रौतेला आदि ने बताया कि गांव तक जाने के लिए घिंघारूतोला से आठ किमी पैदल चलना पड़ता है। लोगों को सिर दर्द, जुकाम होने पर भी दवा लेने के लिए घिंघारूतोला आना पड़ता है।
राशन, गैस सिलिंडर और अन्य सामान घिंघारूतोला से खच्चरों की मदद से गांव तक ले जाया जाता है। जिसके लिए लोगों को सौ से दौ सौ रुपये तक का भाड़ा चुकाना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी गांव से बुजुर्ग और मरीजों को लाने की होती है। उन्हें डोली पर लाने के लिए गांव में युवाओं की कमी पड़ जाती है। आसपास के गांवों से युवाओं को बुलाकर मरीजों को मुख्य मार्ग तक पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि मार्ग की मांग को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से फरियाद कर चुके हैं। विधायक ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक गांव के लोगों को वाहन सुविधा का लाभ नहीं मिल सका है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर इसी तरह ग्रामीणों की अनदेखी की जाती रही तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
विज्ञापन

बुड़घुना-सिमरौखाली-इड़ा मोटर मार्ग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही ग्रामीणों की सड़क संबंधी परेशानी दूर कर दी जाएगी। - बलवंत सिंह भौर्याल, विधायक कपकोट।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें